‘शहीद दिवस’ पर विशेष: महात्मा गांधी की आखिरी जनवरी

0
फाइल फोटो।
Prev1 of 3
Use your ← → (arrow) keys to browse

नई दिल्ली। 30 जनवरी का ही वह दिन था जब देश को हमेशा सत्य, अहिंसा और शांति का पाठ पढ़ाने वाले महापुरुष राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को मृत्यु हिंसा के द्वारा प्राप्त हुई। 30 जनवरी, 1948 को भारत के राष्ट्रपिता की हत्या कर दी गई थी। आज के दिन बापू की पुण्यतिथि पर ‘शहीद दिवस’ मनाया जाता है और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है।

इसे भी पढ़िए :  राजनाथ की यात्रा के दौरान पाक नेताओं से नहीं होगी कोई द्विपक्षीय बैठक

अहिंसा के मार्ग पर चलकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने सिर्फ भारत को करीब 200 साल से शासन कर रहे अंग्रेजों से आजादी दिलाई, बल्कि अपने प्राणों की आहुति भी दे दी। अहिंसा के मार्ग पर चलकर उन्होंने भारत को आजादी दिलाकर पूरी दुनिया में जनता के नागरिक अधिकारों एवं स्वतंत्रता के प्रति आंदोलन के लिए प्रेरित किया।

इसे भी पढ़िए :  GOOD MORNING COBRAPOST में आज देखिये नोटों पर हुए सर्जिकल स्ट्राइक की पूरी रिपोर्ट

‘बापू’ के सत्य, अहिंसा के मार्ग को विश्व समुदाय युगों-युगों तक याद करने के साथ ही विषम परिस्थितियों में चिंतन करता है और करता रहेगा। महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्तूबर 1869 को हुआ था। दुनियाभर में इस दिन को ‘अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।

इसे भी पढ़िए :  पीएम पर शिवसेना का हमला, पूछा कितने खातों में जमा कराए 15 लाख

आगे पढ़ें, तीन गोलियों ने किया खामोश

Prev1 of 3
Use your ← → (arrow) keys to browse