उरी हमले के बाद बड़ा खुलासा, पढ़िए किसके इशारों पर पाकिस्तान से भारत आए थे आतंकी

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साल 1999 में कंधार विमान अपहरण कांड के बाद अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने उसे रिहा किया था। उस वक्त भारत की मजबूरी थी क्योंकि इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट 814 के 178 यात्रियों को सही सलामत आतंकियों के कब्जे से छुड़ाना था। भारत के चंगुल से छूटते ही मसूद ने जैश-ए-मोहम्मद बनाया औऱ फिर भारत के खिलाफ जहर और जंग का एलान कर दिया। छूटने के दो साल में ही मसूद अजहर ने 2001 में संसद पर हमला करके एहसास कराया कि उसे छोड़ना कितनी बड़ी भूल थी।

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संसद हमले के बाद मसूद ने इसी साल भारत के खिलाफ नए सिरे से आतंकी हमले को अंजाम देना शुरू किया। पठानकोट एयरबेस पर हमला मसूद के आतंकियों ने किया। 7 महीने के बाद फिर मसूद ने उरी में सेना मुख्यालय पर हमला करके खुद को भारत का दुश्मन नंबर एक साबित कर दिया है।

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पठानकोट हमले के बाद भारत ने मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र से आतंकवादी घोषित कराने की कोशिश की लेकिन चीन ने सबूतों को नाकाफी मानते हुए अड़ंगा लगा दिया। मसूद अजहर इस वक़्त पाकिस्तान में है और खुलेआम भारत विरोधी काम करता है। जैश-ए-मोहम्मद नाम के इस आतंकी की फैक्ट्री को चलाता है मसूद अजहर।

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आठ महीने पहले मसूद अजहर का एक ऑडिए टेप सामने आया है, इस टेप में आप भी सुनिए कैसे ये आतंकी अपने लड़ाकों को बेगुनाहों का खून बहाने वाले उकसा रहा है।

खौफ की पूरी कहानी जानने के लिए नीचे दिए वीडियो पर क्लिक करें – 

वीडियो सौजन्य इंडिया टीवी

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