मां के इलाज के लिए नहीं मिली मदद तो बच्चों ने सुषमा स्वराज को लताड़ा, कहा- आप ने कुछ नहीं किया

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जनसत्ता की खबर के अनुसार, बैंकॉक से भारत तक का एयर एंबुलेंस का किराया 35 लाख से ज्यादा था, तो रचित ने मदद के लिए भारतीय दूतावास से संपर्क किया। इसके बाद उन्होंने भारतीय अस्पतालों और गुड़गांव के मेंदाता अस्पताल से संपर्क किया, वो 23 लाख रुपए में एयरलिफ्ट करने के लिए तैयार हो गए। इसके लिए हमने अपने रिश्तेदारों और दोस्तों से पैसे उधार लिए, लेकिन अब हम फिर से वहीं खड़े हो गए हैं जहां से हमने शुरुआत की थी। गीतिका ने कहा कि हमारी मां को वापस घर लाने वाले डॉक्टरों, पायलट और नर्स के लिए खुद को दोषी महसूस कर रहे हैं। यूपी के रामपुर के रहने वाले परिवार ने कहा कि हमें उम्मीद है कि मेंदाता इस समस्या से निकलने के बाद शशि को एयरलिफ्ट करेगा।

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