हादसे पर रेल मंत्री बोले- राहत और बचाव कार्य प्राथमिकता, अबतक 115 लोगों की मौत

0
2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse

सिंह ने बताया कि नैशनल डिसास्टर रेस्पॉन्स फोर्स (NDRF) बोगियों के स्टील फ्रेम को काटने के लिए कोल्ड कटर्स का इस्तेमाल कर रही है ताकि बोगियों के भीतर का तापमान न बढ़े। उन्होंने बताया, ‘बोगियों को जेसीबी मशीन की मदद से हटाया जा रहा है। हम बोगियों के भीतर कई जिंदा लोगों को देख चुके हैं। डिब्बे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं लेकिन कुछ बचावकर्मियों ने उनके भीतर फंसे पीड़ितों की कराह को सुना है।’

इसे भी पढ़िए :  रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने महज 180 सेकेंड में नई रेल लाइन को ट्विटर पर दे दी मंजूरी

हादसे में जिंदा बचे आदिल अहमद ने बताया कि हादसे के वक्त तड़के 3 बजे के करीब ट्रेन तेज रफ्तार से चल रही थी, जिस वजह से 4 बोगियां एक के ऊपर एक करके चढ़ गईं। उनके मुताबिक बचावकर्मी हादसे के आधे घंटे बाद मौके पर पहुंचें क्योंकि ग्रामीण इलाके की सड़कें खराब थी।

इसे भी पढ़िए :  पटना-इंदौर एक्सप्रेस के 14 डिब्बे पटरी से उतरे, 10 की मौत, कई घायल
2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse