सोनिया ने आज बुलाई विपक्ष की बैठक, राष्ट्रपति उम्मीदवार को लेकर हो सकती है चर्चा

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राष्ट्रपति
फाइल फोटो

राष्ट्रपति चुनाव को लेकर कांग्रेस के नेतृत्व में 17 पार्टियों वाले विपक्ष की अहम बैठक आज होगी। इस बैठक में फैसला होगा कि राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष किसे उतारेगा। बैठक आज शाम 4.30 बजे पार्लियामेंट लाइब्रेरी में होगी। बैठक से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नवी अाजाद अौर अहमद पटेल 10 जनपथ पहुंच कर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की।

 

 

सूत्रों के मुताबिक- इस बैठक में अलग उम्मीदवार उतारने की विपक्ष की रणनीति पर चर्चा हो सकती है। इसके लिए मीरा कुमार, सुशील कुमार शिंदे, एमएस स्वामीनाथन के नाम पर चर्चा हो सकती है। आरजेडी, टीएमसी, लेफ़्ट, डीएमके, सपा, बसपा जैसी पार्टियां इस बैठक में शामिल होंगी, हालांकि जेडीयू इस बैठक से दूर रहेगी। जेडीयू ने पहले ही एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को समर्थन का ऐलान कर दिया है। मायावती भी रामनाथ कोविंद के प्रति नरम रुख़ ज़ाहिर कर चुकी हैं। मुलायम भी कोविंद की उम्मीदवारी पर सहमति दे चुके हैं। ऐसे में विपक्ष को एकजुट करने की कांग्रेस की कोशिश कुछ ख़ास रंग लाती नहीं दिख रही है।

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इस बैठक से पहले बुधवार को जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार ने राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को समर्थन देने का ऐलान करके विपक्ष को झटका दे दिया। बुधवार को पटना में नीतीश कुमार के नेतृत्व में हुई पार्टी विधायकों की मीटिंग के बाद पार्टी प्रवक्ता केसी त्यागी ने इसकी औपचारिक घोषणा की। जिसके बाद जेडीयू आज होने वाली बैठक में हिस्सा नहीं लेगी। बीएसपी ने एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविन्द को समर्थन देने का एलान किया है, लेकिन इसके बावजूद बीएसपी प्रमुख मायावती आज बैठक में शामिल होंगी।

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दरअसल राष्ट्रपति चुनावों से पहले आंकड़ों के खेल में एनडीए काफी आगे निकल चुका है। राष्ट्रपति चुनाव में कुल 10,98,903 वोट हैं और उम्मीदवार की जीत के लिए 5,49,452 वोट चाहिए। इनमें से एनडीए के कुल 5,37,683 वोट पहले से हैं, यानी 48% से कुछ ऊपर। रामनाथ कोविंद की उम्मीदवारी के बाद एनडीए, एआईएडीएमके, बीजेडी, टीआरएस, जेडीयू, वाईएसआर (कांग्रेस) के समर्थन के साथ कुल 62.7% वोटों का समर्थन हासिल कर चुका है। हालांकि सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी अब भी एक मज़दूत उम्मीदवार उतारने का दावा कर रहे हैं। सीताराम येचुरी ने एनडीटीवी से कहा, ‘विपक्ष की तरफ से एक तगड़ा उम्मीदवार खड़ा किया जाएगा। आज संविधान की बुनियाद को बचाया जाए या आरएसएस के हिन्दू राष्ट्र को आगे बढ़ने दिया जाए। इसी सवाल पर अब कन्टेस्ट होगा।’

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विपक्षी खेमे ने अभी तक किसी नाम की घोषणा नहीं की है, लेकिन पूर्व लोकसभाध्यक्ष मीरा कुमार की कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से उनके निवास पर मुलाकात से इन अटकलों को बल मिला है कि वह दौड़ में आगे चल रही हैं। सूत्रों ने बताया कि जेडीयू की घोषणा के बाद बुधवार को कांग्रेस तथा गैर-एनडीए दलों के वरिष्ठ नेताओं के बीच गहन विचार-विमर्श का दौर चला कि किस प्रकार विपक्ष को एकजुट रखा जाए।