राम मंदिर पर नहीं बनी बात तो संसद में लाया जाएगा कानून?

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राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के सुझाव का यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा समेत सभी भगवा दल और कुछ मुस्लिम धर्मगुरुओं ने स्वागत किया है, लेकिन ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य, ऑल इंडिया बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के संयोजक और बाबरी मस्जिद के लिए केस लड़ रहे वकील जफरयाब जिलानी ने कहा कि हम माननीय सुप्रीम कोर्ट के इस सुझाव का स्वागत करते हैं, लेकिन हमें कोई आउट ऑफ कोर्ट सेटलमेंट मंजूर नहीं है।

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बीजेपी नेता स्वामी ने कहा कि राम जन्मभूमि पर रामलला का मंदिर पहले से ही मौजूद है, जिसकी 1994 में सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी दी थी। उन्होंने ट्वीट किया किया कि इतना ही नहीं, इस अस्थायी राम मंदिर में पूजा भी होती है। ऐसे में इसको ढहाने की कोई हिमाकत नहीं कर सकता है।

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