झूठे वादे करके नहीं मांग पाएंगे वोट- सुप्रीम कोर्ट

0
3 of 3Next
Use your ← → (arrow) keys to browse

बेंच ने कहा कि जीतने वाले प्रत्याशी का नामांकन गलत ढंग से स्वीकार करने और किसी अन्य प्रत्याशी का नामांकन गलत तरीके से स्वीकार करने में अंतर है। चुनाव मैदान में सिर्फ दो प्रत्याशियों के होने और चुनाव में दो से अधिक प्रत्याशियों के होने के मामलों में भी अंतर है। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट द्वारा इस्तेमाल किए गए विवेकाधिकार पर किसी तरह का हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए चुनाव हारने वाले उम्मीदवार का यह अनुरोध स्वीकार कर लिया कि अब उसे चुनाव में जीता हुआ घोषित किया जाए। ऐसा इसलिए क्योंकि चुनाव जीतने वाले प्रत्याशी का निर्वाचन निरस्त घोषित किया जा चुका है।

इसे भी पढ़िए :  शिया वक्फ बोर्ड ने कहा विवादित ज़मीन पर बने राम मंदिर, मुस्लिम बहुल इलाके में बने मस्जिद
3 of 3Next
Use your ← → (arrow) keys to browse