एयरपोर्ट अथॉरिटी ने उड़ाया अपाहिज साइकिलिस्ट का मजाक, चैकिंग के नाम पर उतरवाए नकली पांव

0

भारतीय पैरासाइकिलिस्ट आदित्य मेहता के पांव से खून बहता रहा, जब उन्हें बेंगलुरू के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एयरपोर्ट अथॉरिटी ने चैकिंग के दौरान नकली पांव उतारने के लिए मजबूर किया गया। उनके साथ ऐसा पिछले दो महीने में दूसरी बार हुआ है।

बेंगलुरू एयरपोर्ट पर मंगलवार को सुरक्षा जांच के दौरान आदित्य को नकली पांव हटाकर दिखाने के लिए कहा गया, और उसके बाद उड़ान पकड़ने की जल्दी की वजह से वह उसे वापस पहनते हुए घायल भी हो गए।

भाषा की खबर के अनुसार आदित्य ने बताया,’ उन्होंने मुझे नकली पांव हटाने के लिए मजबूर किया उसे वापस पहनने में मुझे 45 मिनट लगे जब मैं उसे वापस पहन रहा था, अधिकारी मुझसे जल्दी बाहर आने के लिए कह रहे थे, क्योंकि उड़ान का वक्त नज़दीक था उसी टेंशन में मैंने स्टंप को ज़्यादा ज़ोर से दबाना शुरू कर दिया, और घर आकर पांव हटाने पर पता चला, उससे खून बह रहा था।’

इसे भी पढ़िए :  बेंगलुरु में एक होटल ने हिंदू-मुस्लिम दंपति को कमरा देने से किया इनकार

इससे पहले भी दो बार दिल्ली तथा बेंगलुरू के एयरपोर्ट पर सुरक्षाधिकारियों ने पैरासाइकिलिस्ट आदित्य मेहता को इसी तरह नकली पांव हटाने के लिए मजबूर किया जा चुका है।

आदित्य ने कहा कि जिस अधिकारी ने मुझसे पांव हटाकर दिखाने के लिए कहा था, मैंने उनसे अनुरोध किया था कि उड़ान में 30 मिनट ही बचे हैं, जबकि इसे वापस पहनने में मुझे कम से कम 45 मिनट लग जाएंगे। आदित्य ने बताया, ‘लेकिन अधिकारी ने कहा, ‘नहीं, अगर आपको चोट लगी है, तो यह आपकी समस्या है।’ हमें सुरक्षा का ध्यान रखना है, और आपको हमें हमारी ड्यूटी करने देनी चाहिए।’

इसे भी पढ़िए :  चलती एंबुलेंस में मरीज से रेप की कोशिश, चिल्लाने पर भी पति और ड्राईवर को नहीं चला पता

आदित्य के अनुसार, उन्होंने ड्यूटी पर तैनात अधिकारी को यह भी बताया था कि वह तीन अन्य एयरपोर्टों पर भी जा चुके हैं, लेकिन कहीं भी उनसे पांव हटाकर दिखाने के लिए नहीं कहा गया। आदित्य ने कहा, ‘मैंने उनसे कहा था कि सुरक्षाधिकारी ईटीडी की जांच कर सकते हैं।’

इसे भी पढ़िए :  कपिल देव हुए भारतीय टीम के कायल, जमकर की तारीफ

इसके बाद सोशल मीडिया पर अपने गुस्से का इज़हार करते हुए आदित्य ने लिखा कि नागरिक उड्डयन महानिदेशक (डीजीसीए) को दिव्यांगों की खातिर फुल-बॉडी स्कैनर लगाए जाने के लिए लिखने के बावजूद कुछ भी नहीं किया गया है।

उधर, हैदराबाद स्थित डीजीसीए कार्यालय के अनुसार, नकली पांव लगाकर पहुंचे लोगों से उसे हटाकर दिखाने के लिए कहना सुरक्षा के लिहाज़ से कतई सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है।