‘स्वच्छ भारत अभियान’ के चलते घर में टॉयलेट बनवाना पड़ा मंहगा, परिवार को बनाया कैदी

0
2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse

सुभ के पिता और मां ने बताया कि सरकार छत्तीगढ़ को खुले में शौच मुक्त करना चाहती थी। इसके लिए प्रशासन और पंचायत द्वारा नियमित रूप से उन लोगों को बेइज्जत किया जाने लगा जो खुले में शौच करते थे। ऐसे में लोगों ने घर में टॉयलेट बना लिया। कहा गया था कि 15 हजार रुपए सरकार की तरफ से प्रोत्साहन राशि के रूप में मिलेंगे। लेकिन कुछ भी नहीं दिया गया। टॉयलेट बनवाने के लिए खंडे परिवार ने देनदारों से पांच प्रतिशत के ब्याज दर पर 20 हजार रुपए लिए। जिसके बदले में उन्हें 32 हजार रुपए देने हैं।

इसे भी पढ़िए :  सट्टा बाजार: कमल का कमाल, टीपू टिके, हाथी धड़ाम

अब छत्तीगढ़ में रह रहे परिवार विरोध प्रदर्शन करके उनके परिवार के लोगों को वापस लाने का दबाव सरकार पर बना रहे हैं। पुलिस की तरफ से कार्यवाही का भरोसा दिया गया है। पुलिस की एक टीम को देवरिया भेजने की बात भी कही गई है।

इसे भी पढ़िए :  जीएसटी लॉन्च: टीएमसी के बाद कांग्रेस ने मिडनाइट मेगा शो का बहिष्कार करने का किया एलान

2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse