नोटबंदी के बाद भर रहे है मंदिरों के खजाने, 50 फीसदी हो रहा दान-सिद्धिविनायक मंदिर

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मंदिरमंदिर की दानपेटी हफ्ते में एक बार खोली जाती है और नकद दान को गिना जाता है। बुधवार (16 नवंबर) सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक दान के पैसे गिने गए। सात नवंबर से 15 नवंबर तक मिले दान में 500 के 3500 पुराने नोट और 1000 के 1100 पुराने नोट मिले हैं। यानी मंदिर के बीते हफ्ते 500-1000 के नोटों के रूप में 27.50 लाख रुपये दान के तौर पर मिले हैं। मंदिर को 2000 के 90 नोट भी दान के तौर पर मिले हैं। सरकार ने नोटबंदी के बाद 10 नवंबर से बैंकों के माध्यम से 2000 के नए नोट देने शुरू किया है। बुधवार को सरकार ने आदेश जारी किया कि सभी धार्मिक स्थानों को प्रतिदिन दानराशि गिननी होगी और पुराने नोटों को बैंक में जमा कराना होगा। राणे ने कहा, “गुरुवार से हम दानपेटी में आया दान रोज गिनेंगे।

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पीएम मोदी की घोषणा के अनुसार 500 और 1000 के बंद किए गए नोट 30 दिसंबर तक बैंकों में बदला या जमा कराया जा सकता है। 30 दिसंबर के बाद 31 मार्च तक भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) में बंद किए गए नोट जरूरी दस्तावेज दिखाकर बदले जा सकेंगे। नोटबंदी के बाद नकद पैसों की किल्लत को देखते हुए सरकार ने 24 नवंबर तक बैंकों में नोट बदलने और निकालने की सीमा तय कर रखी है। बैंकों में एक व्यक्ति केवल साढ़े हजार रुपये बदल सकता है। वहीं एटीएम से एक कार्ड से एक दिन में ढाई हजार रुपये निकाले जा सकते हैं। ग्राहक अपने बैंक खातों से एक हफ्ते में 24 हजार रुपये तक निकाल सकते हैं। ये राशि एकमुश्त भी निकाली जा सकती है।

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