चुनाव जीतते ही यूपी बीजेपी में फूट की आशंका, जानिए क्यों

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चुनाव जीतते ही यूपी बीजेपी में फूट आशंका होने लगी है। सूबे के दो बड़े चेहरों के समर्थक सड़कों पर उतर आए हैं। केशव प्रसाद मौर्या और योगी आदित्यनाथ के समर्थक उन्हे सीएम बनाने के लिए सड़कों पर उतर आए हैं।हालांकि सूत्रों की मानें तो केंद्रीय नेतृत्व इन दोनों ही नामों पर ज्यादा विचार नहीं कर रहा है।

पूर्वांचल का किला फतह कराने वाले योगी आदित्यनाथ को भी मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में देखा जा रहा है। वहीं, यूपी बीजेपी के अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य भी सीएम की रेस में हैं। योगी चुनाव में बीजेपी के स्टार प्रचारक थे तो बीजेपी को बड़ी जीत दिलाने वालों में केशव प्रसाद मौर्य की भूमिका से कोई इनकार नहीं कर सकता।

योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से पांच बार सांसद रह चुके हैं। वह 1998 से सांसद हैं। योगी आदित्यनाथ 1998, 1999, 2004, 2009 और 2014 में सांसद चुने गए। चुनाव में वो बीजेपी के स्टार प्रचारक थे। चुनाव के दौरान ही योगी को सीएम बनाने की मांग उठने लगी थी। लेकिन खुद योगी सीएम के सवाल पर कुछ कहने से बच रहे हैं। हालांकि उनके चाहने वाले उन्हें सीएम के पद पर देखना चाहते हैं। इसके लिए कही यज्ञ हो रहा है तो कहीं हवन।

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बीजेपी के फायरब्रांड नेता माने जाने वाले योगी की पूर्वांचल में गहरी पैठ है। राजपूत जाति से आने वाले योगी यूं तो सीएम के दावेदारों में हैं, लेकिन उनकी हिंदुत्व वाली छवि उनके सीएम बनने की राह में रोड़े डाल रही है।
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