यूपी: योगी को खुश करने के लिए बूचड़खानों के साथ मीट शॉप भी बंद करवा रही है पुलिस, वो भी बिना किसी सरकारी आदेश के

0
योगी
Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse

न कोई सरकारी आदेश और न ही कोई कानूनी नोटिस। लेकिन फिर भी पुलिस और प्रशासन के अधिकारी आकर मीट की दुकानबंदी का फरमान दे देते हैं। इन घटनाओं से घटना को छोड़कर मीट बाजार में एक अजीब सा सन्नाटा है।19 मार्च को योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। सोमवार की सुबह से ही अचानक मीट बाजार में ताबड़तोड़ छापेमारी शुरु हो गई। गाजियाबाद में तो चार दुकान और कट्टीघर सील करने के साथ ही एक व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। सोमवार से बुधवार तक यूपी का कोई ऐसा जिला नहीं बचा जहां छापेमारी न की गई हो। मीट विक्रेताओं की ओर से पूछने पर अधिकारियों ने बताया गया कि आप लोगों के पास लाइसेंस नहीं हैं।

इसे भी पढ़िए :  यूपी चुनाव : ये रिपोर्ट पढ़कर चौंक जाएंगे, पहले चरण में 302 करोड़पति उम्मीद्वार

लाइसेंस बनवाने या पुराने लाइसेंस को रिन्यू कराने के बाद दुकान खोल सकते हैं, इस पर अधिकारियों ने दुकान खोलने से साफ इनकार कर दिया। गाजियाबाद इस्लाम नगर के मीट विक्रेता मुहम्मद सलीम और नसीम ने बताया कि इस संबंध में जब पुलिस और नगर निगम के अधिकारियों से पूछा तो उन्होंने कहा कि जब तक नए लाइसेंस बनाने और पुरानों को रिन्यू करने का नई सरकार की ओर से कोई आदेश नहीं आ जाता है तब तक आप लोग दुकान नहीं खोलेंगे। मुर्गा बेचने वाले दुकानदार भी हड़काए जा रहे हैं।

इसे भी पढ़िए :  बैकडोर से सीएम बनने की प्लानिंग में हैं मायावती, जानिए उनका प्लान

डासना, गाजियाबाद, रामपुर, कानपुर, मेरठ और आजमगढ़ के कुछ मीट विक्रेताओं ने बताया कि इस कार्रवाई के बाद जब वो लाइसेंस के लिए नगर निगम गए तो अधिकारियों ने आवेदन लेने से ही मना कर दिया। वहीं अकरम ने बताया कि अलीगढ़ में आवेदन लिए जा रहे हैं, लेकिन लाइसेंस कब तक बन पाएगा इसका जबाव कोई अधिकारी नहीं दे रहा है। आगरा के नदीम नूर का कहना है कि नगर निगम में मीट विक्रेताओं की भीड़ लगी हुई है। लेकिन लाइसेंस के संबंध में उन्हें कोई भी कुछ बताने को तैयार नहीं है।

इसे भी पढ़िए :  यूपी चुनाव 2017: 3 बजे तक 48.73 प्रतिशत मतदान

अगले पेज पर पढ़िए – बंद होने की कगार पर हैं कई होटल

Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse