आखिर सुलझ ही गई बरमूडा ट्राइएंगल की मिस्ट्री, पढ़िये क्यों गायब होते थे जहाज और विमान

0
2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse

डेली मेल ने मौसम वैज्ञानिक रैंडी कैरवेनी के मुताबिक लिखा है कि ये बादल ही बम विस्फोट जैसी स्थिति पैदा करते हैं जिससे इनके आस-पास की सभी चीज़ें बर्बाद हो जाती हैं। मौसम वैज्ञानिक रैंडी कैरवेनी कहते हैं कि ये हवाएं इन बड़े-बड़े बादलों का निर्माण करती हैं जो एक विस्फोट की तरह समुद्र के पानी से टकराते हैं और सुनामी से भी ऊंची लहरें पैदा करते हैं जो आपस में टकराकर और ज्यादा ऊर्जा पैदा करती हैं। इस दौरान ये अपने आस-पास मौजूद सब कुछ बर्बाद कर देते हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक ये बादल बरमूडा आइलैंड के दक्षिणी छोर पर पैदा होते हैं और फिर करीब 20 से 55 मील का सफ़र तय करते हैं।

इसे भी पढ़िए :  गलत जगह कार पार्किंग करने वाले को स्वीपर ने दी ये सज़ा, देखिए वीडियो

गौरतलब है कि सदियों से चर्चा का विषय रहे इस त्रिकोण के क्षेत्रफल को लेकर भी तरह-तरह की बातें कही और लिखी गई हैं। इस मसले पर शोध कर चुके कुछ लेखकों ने कहा कि इसकी परिधि फ्लोरिडा, बहमास, सम्पूर्ण केरेबियन द्वीप तथा महासागर के उत्तरी हिस्से तक फैली है। इस इलाके से रोजाना कई जहाज निकलते हैं। यह दुनिया के सबसे व्यस्ततम समुद्री यातायात जलमार्ग है।

इसे भी पढ़िए :  इमरान खान का खुलासा, 'पनामागेट पर चुप रहने के लिए नवाज़ शरीफ़ ने मुझे दिया 10 अरब का ऑफर'
2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse