हिटलर के बारे में हुआ सनसनीखेज खुलासा, जानकर हैरान रह जाएंगे आप

0
हिटलर

दिल्ली: एक नयी पुस्तक में दावा किया गया है कि जर्मन तानाशाह एडोल्फ हिटलर की नसें अफीम वाले हजारों इंजेक्शन के चलते बर्बाद हुई थी और द्वितीय विश्व युद्ध के आखिरी चरण में नाजी तानाशाह के सनकी फैसलों की वजह मादक पदाथरें पर उसकी अत्यधिक निर्भरता थी । पुरस्कार विजेता जर्मन लेखक नार्मन ओहलर के मुताबिक हिटलर को हेरोईन जैसे एक मादक द्रव्य की लत लग गई थी जिसे युकोडेल कहा जाता है। 1944 में लगे सदमे के बाद उन्हें इसकी सलाह दी गई थी।
ओहलर की पुस्तक ‘ब्लिट्ज: ड्रग्स इन नाजी जर्मनी’ में दलील दी गई है कि हेरोईन जैसा नशीली पदार्थ हिटलर के आखिरी समय में उसके सनकी व्यवहार के लिए काफी हद तक जिम्मेदार था ।

इसे भी पढ़िए :  जर्मन वाइस चांसलर की मांग: मस्जिद बंद हो और प्रचारकों को देश से निकाला जाए

इस पुस्तक की ब्रिटिश इतिहासकारों ने सराहना की है। इसने हिटलर के निजी चिकित्सक डॉ थीयो मोरेल के जर्नल से विषय वस्तुओं पर प्रकाश डाला है। चिकित्सक ने एक बार शिकायत थी कि वह :हिटलर : अब और इंजेक्शन नहीं ले सकेंगे क्योंकि उनकी सारी नसें बेकार हो गई हैं।

इसमें एक जगह लिखा हुआ है, ‘‘मैंने आज इंजेक्शन नहीं दिया ताकि पहले से बनी सुराख को भरने का मौका मिल सके।’’ ओहलर ने बताया है कि 1944 में ‘ऑपरेशन वाकयरी’ के रूप में जानी जाने वाली हिटलर की हत्या की कोशिश में बचने के बाद उसे नशे की लत लगी थी। इस घटना के तहत विरोधी खेमे ने हिटलर की मेज के नीचे एक ब्रीफकेस में बम रख दिया था।

इसे भी पढ़िए :  आईएसआईएस के पनपने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री कैमरन जिम्मेदार: ब्रिटिश समिति

इस विस्फोट से हिटलर की दोनों कान के पर्दे फट गए। शरीर में र्छे घुस गए और नसें प्रभावित हो गई।

ओहलर को यह कहते हुए हुए बताया गया , ‘‘मैं 1944 से डरा हुआ हूं, हिटलर ने एक दिन भी चैन से नहीं बिताया।’’

ओहलर ने बताया कि इस घटना के पहले हिटलर लोगों के बीच रहने वाला व्यक्ति था..लेकिन अपने उपर जानलेवा हमले के बाद वह एकाकी हो गया , उसने दूसरों पर भरोसा करना छोड दिया और व्याकुल रहने लगा। हिटलर ने डॉ मोरेल से अपना पुराना आत्मविश्वास बहाल करने को कहा इसलिए उस वक्त से उसे हजारों इंजेक्शन लगाए गए। अक्सर उसे यूकोडोल लगाया जाता जो हेरोईन जैसा है लेकिन यह आपको खुशफहमी में लाने की काफी क्षमता रखता है। ब्रिटिश युद्ध इतिहासकार एंटनी बीवोर ने बताया कि पुस्तक में दिए तथ्य दुश्मन को हराने की अंतिम कोशिश में लडी गयी ‘बुल्गे की लड़ाई’ के दौरान हिटलर की अतारिक्त तरकीबों की व्याख्या करते हैं ।

इसे भी पढ़िए :  ब्रिटेन में ISIS कर सकता है रसायनिक हमला, सरकार ने जारी की चेतावनी

उन्होंने बीबीसी के ‘टुडे’ कार्यक्रम में बताया, ‘‘ये सभी चीजें जाहिर करती हैं कि उसका खुद पर नियंत्रण नहीं रहा था जबकि जर्मन सेना उसके नियंत्रण में थी ।’’