वर्तमान रफ्तार से शिक्षा लक्ष्यों को हासिल करने में 50 वर्ष पीछे रह जायेगा भारत: यूनेस्को

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यूनेस्को

 

दिल्ली:

यूनेस्को की रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर वर्तमान रफ्तार से चले तो वैश्विक शिक्षा प्रतिबद्धता को हासिल करने में भारत आधी सदी पीछे रह जायेगा। अगर भारत 2030 के सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करना चाहता है तब देश की शिक्षा व्यवस्था में बुनियादी बदलाव की जरूरत होगी।

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यूनेस्को की नयी वैश्विक शिक्षा निगरानी (जीईएम) रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्तमान चलन के आधार पर दक्षिण एशिया में सार्वभौम प्राथमिक शिक्षा लक्ष्यों को 2051 तक हासिल किया जा सकेगा जबकि निम्न माध्यमिक स्तर पर लक्ष्यों को 2062 तक और उच्च माध्यमिक लक्ष्यों को 2087 तक हासिल किया जा सकेगा।

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रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में सार्वभौम प्राथमिक शिक्षा लक्ष्यों को 2050 तक, सार्वभौम माध्यमिक शिक्षा लक्ष्यों को 2060 तक और सार्वभौम उच्च माध्यमिक शिक्षा लक्ष्यों को 2085 तक हासिल किया जा सकेगा ।

इसमें कहा गया है कि इसका अर्थ हुआ कि क्षेत्र 2030 के सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने में आधी सदी से अधिक पीछे रह जायेगा ।

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रिपोर्ट में कहा गया है कि शिक्षा क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ने की जरूरत है और इस क्षेत्र को मानवता एवं पृथ्वी के समक्ष उत्पन्न चुनौतियों से निपटने और क्षमता हासिल करने के लिए बदलाव लाने की जरूरत है।