पाक में लुप्त होने की कगार पर है ‘जिन्ना की मातृभाषा’

0
जिन्ना
फ़ाइल फोटो
Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse

पाकिस्तान का निर्माण करने वाले मोहम्मद आली जिन्ना की मातृभाषा देश में केएचटीएम होने की कगार पर है। जिन्ना और महात्मा गांधी दोनों गुजरात से थे और गुजरती बोलते थे लेकिन पाकिस्तान में इस भाषा का लिखित प्रारूप धीमी मौत के खतरे से जूझ रहा है जबकि दुनिबहर में करीब पांच करोड़ लोग यह भाषा बोलते हैं। पाकिस्तान के प्रमुख अखबार ‘डॉन’ की एक खबर के अनुसार, “हालांकि गुजराती भारत में एक जीवंत भाषा है, लेकिन पाकिस्तान में इसे बोलने वाले लोग अपनी मूल भाषा को लेकर उदासीन हैं।”

इसे भी पढ़िए :  पाकिस्तान बलूच नेता ब्रह्मदाग बुग्ती के प्रत्यर्पण के लिए इंटरपोल से मांगेगा मदद

खबर के मुताबिक पाकिस्तान के नैशनल डेटाबेस एवं रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी ने हाल ही में गुजराती को अपने उस कॉलम से हटा दिया, जिसमें आवेदक से मातृभाषा के बारे में पूछा जाता है। जिन्ना और महात्मा गांधी दोनों गुजरात से थे और गुजराती बोलते थे। पांच करोड़ से ज्यादा लोगों द्वारा बोली जाने वाली भाषा गुजराती, दुनिया भर में 26वीं सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है।

इसे भी पढ़िए :  उत्तर कोरिया ने पहली बार जापान के समुद्री क्षेत्र में दागी मिसाइल

अगली स्लाइड में पढ़ें खबर

Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse