मलेरिया से मुक्त हुआ श्रीलंका, भारत को करना होगा 14 साल इंतजार

0
2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse

malaria3

भारत में हालात गंभीर, हर सातवां शख्स खतरे में

विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक हर सात में से एक भारतीय को मलेरिया का खतरा रहता है। देश में मलेरिया से होने वाली कुल मौतों में 90 फीसदी ग्रामीण इलाकों में होती हैं। मलेरिया से सबसे ज्यादा मौतें ओडिशा में होती हैं। अभी मलेरिया के 80 फीसद मामले ऐसे 20 फीसद लोगों के बीच हैं, जो ‘‘उच्च जोखिम’ की श्रेणी में आते हैं। हालांकि, देश की करीब 82 फीसद आबादी ऐसे इलाकों में रहती है, जहां मलेरिया की चपेट में आने का जोखिम बहुत ज्यादा होता है। दुनिया में होने वाले मलेरिया में से 80 फीसदी केस भारत, इथियोपिया, पाकिस्तान और इंडोनेशिया के होते हैं।

इसे भी पढ़िए :  करता था मोदी का जाली सिग्नेचर, सीबीआई ने दर्ज किया केस

malaria4

2030 तक भारत को मिलेगी मलेरिया से आजादी

भारत में केंद्र सरकार ने 2030 तक देश को मलेरिया से मुक्त कराने का लक्ष्य तय किया है। श्रीलंका और नेपाल जैसे कुछ पड़ोसी देशों में पिछले कुछ सालों में इस प्लास्मोडियम जनित रोग से कोई मौत न होने की खबरें सामने आने के बाद सरकार ने यह लक्ष्य तय किया।  स्वास्थ्य मंत्रालय ने राष्ट्रीय मलेरिया उन्मूलन की रूपरेखा पेश की। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा का कहना है कि रूपरेखा का उद्देश्य 2024 तक सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में मलेरिया की घटनाओं में इतनी कमी लाना है कि हर साल प्रति 1,000 की आबादी पर मलेरिया का एक से कम मामला सामने आए।

इसे भी पढ़िए :  पूरे एशिया देशों में फैल सकता है जीका वायरस: WHO

india

2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse