UN में सुषमा ने दिया शरीफ़ को करारा जवाब, कहा ‘जिनके अपने घर शीशे के हो वो दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकते’

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सुषमा स्वराज ने कहा कि ‘हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती है विश्व के कोने-कोने में फैली गरीबी को मिटाना। भारत में दुनिया की 1/6 आबादी रहती है, बेटी बचाओ आंदोलन को भारत ने शुरु कर दिया जिसके तहत लिंग अनुपात को कम किया जाएगा, आर्थिक मंदी में भी भारत सबसे ज्यादा तरक्की कर रहा है। सुषमा स्वराज ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थाई और अस्थाई दोनों सीटों में बढोत्तरी हो’।
‘योग को अपार समर्थन मिलने के लिए आपका आभार है। शांति के बगैर दुनिया में विकास संभव नहीं हैं। भारत ने जो मेक इन इंडिया की नीती शुरू की है उस से देश में निवेश बढ़ा है इससे गरीबों को रोजगार मिल रहा है। भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है। स्त्री और पुरुषों के बीच लैंगिक समानता हो। स्वच्छ भारत अभियान के तहत दो लाख स्कूलों में चार लाख शौचालय बने हैं। भारत हर तरह से आगे बढ़ रहा है।‘

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सुषमा स्वराज ने बलूचिस्तान का मुद्दा उठाया और कहा ‘कि जिनके घर शीशे को हो उन्हें दुसरो पर पत्थर नही फैंकने चाहिए। कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और हमेशा रहेगा। हमने हमेशा मित्रता की पहल की और हमें बदले में उरी मिला, पठानकोट मिला, बहादुर आंतकी मिला संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित देशों में जलसा करने वाले देशों को प्रतिबंधित करना चाहिए।‘

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सुषमा ने कहा कि ‘हमें ऐसी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद चाहिए जो वैश्विक परिस्थिति के अनुकूल हो, दुनिया के कुछ देशों का शौक आतंकवादियों को पालना बन गया है। आतंकवाद को जड़ से उखाड़ने के लिए मतभेद भुलाकर एकजुट होकर उसका मुकाबला करना होगा। देखना होगा कि आतंकवादियों को कौन धन देता है और कौन इन्हें सहारा देता है। आतंकवाद मानवाधिकारों का सबसे बड़ा हनन है। अलग थलग करना होगा ऐसे देश को जो आंतकवाद को समर्थन देता है दुनियाभर में आतंकवादी गतिविधियों की खबरों से स्पष्ट है कि हम इससे निपटने में सफल नहीं हुए हैं।‘

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