जम्मू कश्मीर के गवर्नर की हो सकती है छुट्टी, जानिए कौन होगा अगला गवर्नर

0

जम्मू कश्मीर के गवर्नर एनएन वोहरा की छुट्टी हो सकती है।जम्‍मू कश्‍मीर के गवर्नर की जगह लेने के लिए तीन रिटायर्ड जनरल सहित दो पूर्व गवर्नर के नाम चल रहे हैं। साथ ही पूर्व गृह सचिव का नाम भी इस रेस में बताया जा रहा है। वोहरा 2008 में जम्‍मू कश्‍मीर के गवर्नर बने थे, इसके बाद 2013 में उन्‍हें दूसरा कार्यकाल दिया गया था। गवर्नर के रूप में उनके कार्यकाल की तारीफ होती है। उनकी जगह लेने के दावेदारों में पूर्व गृह सचिव अनिल बैजल का नाम सबसे आगे है। बैजल अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के समय गृह सचिव थे। वे विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन के सदस्‍य भी रह चुके हैं। बताया जा रहा है कि पीएम नरेंद्र मोदी और जम्‍मू कश्‍मीर की सीएम महबूबा मुफ्ती की मुलाकात के दौरान इस संबंध में चर्चा भी हुई है।

इसे भी पढ़िए :  घंटों लाईन में लगने के बाद, पेंशनर्स को मिली दो-दो रुपये के सिक्‍कों में पेंशन

इसे भी पढ़िए-सरकार ने हमें लावारिस छोड़ दिया है – J&K पुलिस

राज्‍य सरकार का मानना है कि सेना या भाजपा से जुड़े लोगों को गवर्नर की पोस्‍ट न दी जाए। कई भाजपा नेता इस पद की ताक में हैं। गवर्नर पद की रेस में भाजपा नेता और रिटायर्ड लेफ्टिनेंट गवर्नर सैयद अता हसनैन का नाम भी चल रहा है। हसनैन ने जम्‍मू कश्‍मीर में आर्मी कॉर्प्‍स की कमांड भी संभाली थी। उनके अलावा उत्‍तराखंड के पूर्व सीएम बीसी खंडूरी, पूर्व सेनाअध्‍यक्ष वीपी मलिक, दिल्‍ली के पूर्व एलजी विजय कपूर और मिजोरम के पूर्व गवर्नर एआर कोहली को नाम भी चल रहा है। खंडूरी वाजपेयी सरकार में मंत्री रह चुके हैं।हालांकि वे 81 साल के हो चुके हैं और यह बात उनके विपक्ष में जाती है। वीपी मलिक कारगिल जंग के समय थलसेनाध्‍यक्ष थे।

इसे भी पढ़िए :  जेटली मानहानि केस: दिल्ली की जनता के पैसे से वकील करना चाहते हैं केजरीवाल!

इसे भी पढ़िए-सुप्रीम कोर्ट ने अपने जजों को घुमाने के लिए खर्च किए 141 करोड़ रुपये

केंद्र सरकार का मानना है कि वोहरा ने अच्‍छा काम किया है लेकिन राज्‍य को अब नए विचार की जरूरत है। 1989 में कश्‍मीर घाटी में हिंसा के बाद से दूसरे सिविलियन गवर्नर थे। उनसे पहले जगमोहन की पृष्‍ठभूमि भी ऐसी ही थी। हालांकि नए गवर्नर के लिए काफी सोच-विचार के बाद फैसला लिया जाएगा। वोहरा की जगह नए व्‍यक्ति को चुने जाने की बात कश्‍मीर में चल रहे तनाव के चलते की जा रही है। बताया जा रहा है किे इस बारे में आखिरी फैसला प्रधानमंत्री मोदी करेंगे।

इसे भी पढ़िए :  जानिए, इस मंदिर में क्यों नहीं होती जगन्नाथ की पूजा

इसे भी पढ़िए-108 साल पहले धरती पर हुआ था एक धमाका, आज तक है राज – VIDEO