जिम्मेदारी बढ़ गई है, मुझे और कड़ी मेहनत करने की जरूरत: सिंधु

0
फाइल फोटो।

नई दिल्ली। ओलंपिक रजत पदक जीतकर इतिहास रचने वाली बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु का मानना है कि सुखिर्यों में रहने के बाद अब उन पर अपेक्षाओं पर खरा उतरने की अतिरिक्त जिम्मेदारी बढ़ गयी है और उन्हें और कड़ी मेहनत करने की जरूरत है।

सिंधु ने कहा कि ‘‘अब से सभी की निगाह मेरे पर रहेगी और जिम्मेदारियां (अपेक्षाएं) बढ़ गयी है। यह केवल शुरूआत है और मुझे कड़ी मेहनत करने की जरूरत है।’’ रियो ओलंपिक की रजत पदक विजेता और राष्ट्रीय बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद का गैर लाभकारी संगठन ओलंपिक गोल्ड क्वेस्ट (ओजीक्यू) ने सम्मानित किया।

इसे भी पढ़िए :  विम्बलडन में जोकोविच और विनस की शानदार शुरुआत

इस अवसर पर सिंधु के माता-पिता और पूर्व वालीबाल खिलाड़ी पी वी रम्मना और विजय को भी सम्मानित किया गया। सिंधु ने कहा कि ‘‘मैं अपनी उपलब्धियों से बहुत खुश हूं। मैंने लगातार दो विश्व चैंपियनशिप में पदक जीते। जब मैंने पहला कांस्य पदक (विश्व चैंपियनशिप में) जीता था तो लोगों ने मुझे पहचानना शुरू कर दिया था। और अब जिम्मेदारियां बढ़ गयी हैं। ओलंपिक चार साल में एक बार होता है। अभी काफी कुछ हासिल करना है।’’

इसे भी पढ़िए :  ओलंपिक पदक विजेता साक्षी और सिंधु के लिए दिल्ली सरकार का बड़ा एलान

21 वर्षीय खिलाड़ी सिंधु रियो ओलंपिक में महिला एकल फाइनल में स्पेन की कैरोलिना मारिन से हार गयी थी। सिंधु ने कहा कि ‘‘वह कुल मिलाकर अच्छा मैच था। वह उसका (मारिन) दिन था और उसने अच्छा खेल दिखाया। पहले दौर से मुकाबले कड़े थे। कोई भी मैच आसान नहीं था। मैंने एक बार में एक मैच पर ध्यान दिया।

इसे भी पढ़िए :  खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित होंगे पैरालंपियन देवेंद्र झाझरिया और सरदार सिंह

सिंधु ने कहा कि गोपी सर ने मुझसे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने और नैसर्गिक खेल खेलने के लिये कहा था। मुझे हमेशा उनका समर्थन मिला और वे मुझे प्रेरित करते रहे हैं। मैंने वास्तव में कड़ी मेहनत की थी और हम प्रत्येक मैच से पहले उसकी बहुत अच्छी तैयारी करते थे।