आखिर सुलझ ही गई बरमूडा ट्राइएंगल की मिस्ट्री, पढ़िये क्यों गायब होते थे जहाज और विमान

0
बरमूडा ट्राइएंगल
Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse

दशकों से रहस्य बना हुआ बरमूडा ट्राइएंगल, जहां एक बार जो जहाज और विमान आ जाए उसका गायब होना तय है। उत्तरी अटलांटिक महासागर में बसा बरमूडा ट्राइएंगल की रहस्यमयी गुत्थी को वैज्ञानिकों ने सुलझा लेने का दावा किया है। इस रहस्य ने अब तक कम से कम 75 विमानों, 100 से ज्यादा जहाजों को गायब किया है जिसमें कम से कम 1000 लोगों की जान जा चुकी है। वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि ‘हेक्सागोनल बादल’ की वजह से वहां ऐसी हरकतें होती हैं। बीते 100 साल में बरमूडा ट्राइएंगल के आसपास करीब 100 से ज्यादा छोटे-बड़े पानी के जहाज गायब हुए हैं जिन पर सवार 1000 से ज्यादा लोग कभी वापस नहीं आए। कई लोगों ने इस रहस्य की वजह से वहां एलियन होने की थ्योरी को भी जन्म दिया था।

इसे भी पढ़िए :  चीन से पहले भारत आएंगे नेपाल के PM प्रचंड

डेली मेल में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, वैज्ञानिकों ने इन बादलों को Hexagonal clouds नाम दिया है। ये हवा में एक बम विस्फोट की मौजूदगी के बराबर शक्ति रखते हैं और इनके साथ 170 मील प्रति घंटा की रफ़्तार वाली हवाएं होती हैं। ये बादल और हवाएं मिलकर पानी और हवा में मौजूद जहाजों से टकराते हैं जो फिर कभी नहीं मिलते। 500,000 वर्ग किलोमीटर में फैला ये इलाका पिछले कई दशकों से बदनाम रहा है। वैज्ञानिकों के मुताबिक मौसम की चरम अवस्था की वजह उपजी बेहद तेज रफ़्तार वाली हवाएं ही ऐसे बादलों को जन्म देती हैं। ये बादल देखने में बेहद अजीब होते हैं। एक बादल का दायरा कम से कम 45 फीट तक होता है। इनके भीतर एक बेहद शक्तिशाली बम से भी ज्यादा ऊर्जा होती है।

इसे भी पढ़िए :  डोनाल्ड ट्रंप में हिटलर से भी ज्यादा मनोरोग के लक्षण: अध्ययन

अगली स्लाइड में पढ़े कितना खतरनाक है ये बादल।

Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse