मोसुल से ISIS को भगाया जाना भारत के लिए चिंताजनक, पढ़िए क्यों

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मोसुल से ISIS
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नई दिल्ली : मोसुल से ISIS के पैर उखड़ने लगे हैं। मोसुल को ISIS का सबसे सुरक्षित गढ़ माना जाता था लेकिन इराकी और अमेरिकी सेना के संयुक्त अभियान के बाद ISIS आतंकी वहां से भागने लगे हैं। इस पूरे हालात पर भारतीय खुफिया एजेंसियों की भी नजर है। मोसुल से भाग रहे आइएस के लड़ाके कहां जाएंगे यह सवाल भारत समेत तमाम देशों की सुरक्षा एजेंसियों के लिए सिरदर्द है।

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सूत्रों के मुताबिक ISIS के युद्धस्थल पर कितने भारतीय हैं इसका ठीक-ठाक अंदाजा लगाना मुश्किल है लेकिन ISIS से प्रभावित होकर देश छोड़ने वालों की संख्या कम से कम 50 है। इनमें से कई सीधे तौर पर ISIS के संपर्क में हो सकते हैं। हाल में राष्ट्रीय जांच ब्यूरो (एनआइए) ने तमिलनाडु में ISIS से संपर्क के सुबूत के साथ सुबाहनी हाजा मोइद्दीन नाम के आतंकी को गिरफ्तार किया है। उसने स्वीकारा है कि ISIS आतंकी के संपर्क में था। इससे साफ है कि ISIS के भारत स्थित आतंकी इस संगठन के वैश्विक नेटवर्क का हिस्सा बने हुए थे। 1

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एनआइए पिछले तीन वर्षो में केरल, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों से दर्जनों लोगों को आइएस के संपर्क में होने के संदेह में गिरफ्तार कर चुकी है। विदेशी सरकारों की मदद से आइएस के कई भारतीय आतंकियों को भारत प्रत्यर्पित भी किया गया है। जुलाई, 2016 में जब भारतीय जांच एजेंसियों ने स्वीकार किया कि केरल से गायब लगभग दो दर्जन युवा आइएस के संपर्क में हो सकते हैं । इन युवाओं पर भी खुफिया एजेंसियों की नजर है।
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