नोटबंदी के बाद भर रहे है मंदिरों के खजाने, 50 फीसदी हो रहा दान-सिद्धिविनायक मंदिर

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मंदिर
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केंद्र सरकार द्वारा 500 और 1000 के पुराने नोट बंद किए जाने से आम इंसान को कितना फायदा होगा ये वक्त बताएगा लेकिन भगवान को इसका फायदा अभी से होने लगा है। लोग अपने 500 और 1000 के नोट मंदिरो में जाकर दानपेटी में डाल रहे है, ताकि उनके पास बचे पैसे कही तो चले। नोटबंदी के बाद मंदिरों-दरगाहों की दानपेटियों में लोग बहुत ज्यादा मात्रा में 500-1000 के पुराने नोट डाल रहे हैं। ताजा मामला मुंबई के प्रसिद्ध श्री सिद्धिविनायक मंदिर का है। इस मंदिर में वैसे भी काफी दान आता है लेकिन आठ नवंबर को नोटबंदी की घोषणा के बाद से मंदिर को मिलने वाला दान करीब 50 प्रतिशत दोगुना हो गया है।

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श्री सिद्धि विनायक ट्रस्ट के चेयरमैन नरेंद्र राणे के अनुसार आठ नवंबर के बाद मंदिर की दानपेटी में दान बढ़ गया है। नरेंद्र राण ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “इस बार हुंडी (दानपेटी) से 60 लाख रुपये मिले हैं। हमें लगता है कि 500 और 1000 के नोटों के बंद होने की वजह दान बढ़ा है।” राणे के अनुसार सिद्धिविनायक मंदिर में औसतन एक हफ्ते में 35-40 लाख रुपये दान मिलता रहा है।

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