महाराष्ट्र में लड़कियों के लिए तैयार एक प्रमुख योजना से लड़कियों को लाभ नहीं

0
महाराष्ट्र
प्रतिकात्मक तस्वीर
Prev1 of 8
Use your ← → (arrow) keys to browse

लगभग11 महीने पहले महाराष्ट्र में एक महत्वाकांक्षी योजना शुरु की गई है। इस योजना में परिवार नियोजन की जरूरत पर जोर है। साथ ही लड़कियों के लालन-पालन और उचित पोषण के लिए परिवारों और गांव परिषदों के लिए प्रोत्साहन राशि का प्रावधान है। कुल मिलाकर यह योजना समाज में बालिकाओं की स्थिति को मजबूत करने की एक बड़ी कोशिश है, लेकिन इंडियास्पेंड की जांच में पता चला है कि सरकार की अधूरी प्रतिबद्धताओं से यह योजना ठीक से काम नहीं कर रही है । इससे लड़कियों को लाभ नहीं मिल पा रहा है।

इसे भी पढ़िए :  देखें, अमिताभ संग नाची महाराष्ट्र के सीएम फडणवीस की बीवी

सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत दो महीने के भीतर प्राप्त हुए 38 उत्तर पता चलता है कि, नवीनतम सरकारी आंकड़ों में भारत के सबसे अमीर राज्य के 36 जिलों में ‘माझी कन्या भाग्यश्री योजना’ से किसी को लाभ मिलने की सूचना नहीं मिली है।

असफलता का मुख्य कारण योजना के वे मानदंड हो सकते है जिसे पूरा करना परिवारों के लिए कठिन या मुश्किल हो सकता है। जैसे कि सरकारी अधिकारियों को यह आश्वस्त करना कि जिस महिला को प्रोत्साहन राशि मिल रही है उनके बेटे नहीं हैं। साथ ही महिलाओं को परिवार नियोजन का प्रमाणपत्र जमा करना आवश्यक होता है। लेकिन संबंधित बीमा प्रीमियम का भुगतान करने और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को इस दिशा में प्रेरित करने में सरकार की असमर्थता से भी यह योजना बाधित हुई लगती है।

इसे भी पढ़िए :  यूपी में विदेशी पर्यटक अपोजिट सेक्स वालों से हाथ ना मिलाएं: पर्यटन मंत्री

इस संबंध में राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री, पंकजा मुंडे और राज्य मंत्री विद्या ठाकुर की टिप्पणी नहीं मिल पाई है। मुंडे का फोन लगातार बंद होने के कारण उनसे फोन पर बात नहीं पाई और न ही उनको भेजे गए ई-मेल का कोई जवाब प्राप्त हुआ है। ठाकुर की ओर से भी हमारे द्वारा किए गए फोन और भेजे गए संदेश का कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ है। जब हमने मुंडे के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी दादाभाऊ गुंजाल से बात करनी चाही तो उन्होंने कहा कि वह मीडिया से बात करने के लिए अधिकृत नहीं है। अगर हमें कोई प्रतिक्रिया प्राप्त होती है तो हम अपने इस लेख को जरूर अपडेट करेंगे।

इसे भी पढ़िए :  नागपुर-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस के 5डिब्बे पटरी से उतरे

आगे की स्लाइड्स में पढ़ें बाकी की खबर

Prev1 of 8
Use your ← → (arrow) keys to browse