PM मोदी को गोद लेने चले BJP नेता योगी पर बेटी ने लगाए गंभीर आरोप, कहा कोर्ट में सिखाउंगी सबक

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जो अपने बच्चों को नहीं सम्भाल सकता है वो दूसरों को गोद कैसे ले सकता है। मैं कोर्ट जाऊंगी और अपने पिता से सबके सामने ये सवाल पूछूंगी। ये कहना है मेरठ की रहने वाली अलका का। अलका कल तक एक साधारण महिला थी लेकिन जब से उनके पिता योगी ने पीएम मोदी को गोद लेने की बात कही है, तब से अलका भी चर्चाओं में है। ये चर्चा अपने पिता के बड़प्पन की वजह से नहीं हो रही बल्कि बेटी की बगावत की वजह से हो रही हैं।

दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गोद लेने के लिए गोदनामा कोर्ट में दाखिल करने वाले शख्स की बेटी ने इस मामले में नया मोड़ ला दिया है। मेरठ में एक महिला ने दावा करते हुए कहा है कि गाजियाबाद कोर्ट में मोदी को गोद लेने के लिए गोदनामा दाखिल करने वाले योगेन्द्र पाल उर्फ योगी उनके पिता हैं और उन्होंने कोर्ट ने जो गोदनामा में फाइल किया है उसमें उनका नाम नहीं है। महिला के मुताबिक उन्हें जब से ये पता चला है तभी से वो बहुत तकलीफ में है।

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महिला ने कहा कि जब योगेंद्र पाल के पांच बच्चे हैं तो कोर्ट में दाखिल किये गए गोदनामे में पांच बच्चे ही दर्शाने चाहिए थे जबकि उन्होंने सिर्फ चार बच्चे ही दर्शाएं हैं। महिला ने कहा कि जो अपने बच्चों को नहीं सम्भाल सकता है वो दूसरों को गोद कैसे ले सकता है। इतना ही नहीं महिला ने कहा कि अगर उसके पिता ने उसे अपना नाम नहीं दिया तो वो कोर्ट का दरवाजा खटखटायेगी।

मेरठ के थापर नगर में रहने वाली अलका ने दावा किया है कि पीएम नरेंद्र मोदी को गोद लेने का ऐलान करने वाले गाजियाबाद के योगेंद्र पाल उर्फ योगी उनके पिता हैं। वो पांच भाई-बहन हैं, जिनके नाम अजीत, अजय, अरुण, वो खुद (अलका) और मंजू है। अलका ने बताया कि 1986 में उसकी शादी मेरठ के सतेंद्र के साथ हुई थी और उसके एक लड़का और एक लड़की भी हैं।

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अलका ने बताया कि जब उनके पिता ने ये घोषणा की कि वो नरेंद्र मोदी को गोद लेंगे तो उसे बहुत खुशी हुई लेकिन ये खुशी उस वक्त अफसोस और हैरानी में बदल गई जब मोदी को गोद लेने के लिए उसके पिता ने कोर्ट में जो गोदनामा दाखिल किया उसमें उसका नाम नहीं था।

अलका को ये जानकारी समाचार पत्रों से पता चली तो उसने इस सम्बन्ध में अपने पिता को फोन किया लेकिन फोन नहीं उठा और जब उसने अपने भाइयों से इस बारे पूछा तो उनसे भी कोई सन्तोषजनक जवाब नहीं मिला। अलका ने कहा कि वो सिर्फ ये जानना चाहती हैं कि आखिर उनके पिता ने उनका नाम क्यों हटाया।

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अलका ने अपने पिता से सवाल किये हैं कि उन्होंने मुझे क्यों छोड़ा और दूसरो को गोद ले रहे हैं, पहले उन्हें बच्चों को देखना चाहिए। अलका ने बताया कि उसका अपने पिता से कोई मतभेद भी नहीं है। अलका ने कहा कि वो अपने पिता के नाम को लेकर कोर्ट क्या कहीं भी जाएंगी। अलका ने कुछ नई-पुरानी तस्वीरें भी मीडिया को जारी की हैं जिनमें वो योगेंद्र पाल उर्फ योगी के साथ खड़ी दिख रहीं है। बहरहाल, पीएम मोदी के इस बयान कि यूपी ने उनको गोद लिया है ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है और कहीं ना कही ये मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है ।

खबर और तस्वीरें वन इंडिया के सौजन्य से