सिंधु जल संधि टूटने के डर से पाकिस्तान में हड़कंप

0
2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse

पानी बंद करने के खतरे

माना जाता है कि कश्मीर के लिए पाकिस्तान की कोशिशें इसी बात से जुड़ी हैं कि वह वहां की नदियों के पानी पर कंट्रोल कर सके। अगर पाक को यह संधि खत्म होती दिखेगी तो वह कश्मीर में विध्वंसक गतिविधियां तेज कर सकता है। पानी की कमी से पाकिस्तान आर्थिक तौर पर तबाह हो जाएगा। पाकिस्तान की खेती का बड़ा हिस्सा इन्हीं नदियों के पानी पर निर्भर है। वहां की अशांति का एक पड़ोसी देश होने के नाते भारत पर भी असर होगा। भारत-पाक के बीच जंग होने और लगातार तनाव के बावजूद संधि कायम रही। इसे सहयोग के ग्लोबल मॉडल के तौर पर पेश किया जाता रहा है। दुनिया भर में भारत की छवि को नुकसान हो सकता है।

इसे भी पढ़िए :  पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा में आतंकी घुसपैठ का खतरा बढ़ा, बांग्लादेश ने भारत को चेताया

पानी को रोकने से पहले इन नदियों के किनारे बसे शहरों को डूबने से बचने का भी इंतजाम करना होगा। जम्मू, श्रीनगर समेत पंजाब के कई बड़े शहर इसके दायरे में आ जाएंगे। भारत के पास स्टोरेज क्षमता नहीं है। अगर भारत ने पाकिस्तान का पानी बंद किया तो चीन भी भारत के साथ वही कर सकता है। सतलज और सिंध का उद्गम चीन में है। चीन ब्रह्मपुत्र के साथ भी वही कर सकता है।

इसे भी पढ़िए :  अवैध धार्मिक ढांचों को ध्वस्त करे महाराष्ट्र सरकार: बंबई हाईकोर्ट

क्या है उपाय

एक उपाय यह भी बताया जा रहा है कि भारत पश्चिमी नदियों का पानी को अपने हक के मुताबिक पूरी तरह इस्तेमाल करना शुरू कर दे। संधि के तहत भारत पाकिस्तान को सूचना देकर काफी पानी स्टोर कर सकता है और बिजली बना सकता है। इससे पाकिस्तान में कड़ा संदेश जाएगा।

इसे भी पढ़िए :  पाकिस्तान में कॉमेडी नहीं करेंगे राजू श्रीवास्तव , कैंसल किया कराची में अपना शो

2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse