नोटबंदी पर नेगेटिव कवरेज से सरकार परेशान, हो रही है मीडिया पर लगाम कसने की तैयारी !

0
2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse

नोटबंदी को एक महीने से ज्‍यादा का वक्‍त गुजर चुका है, मगर आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार स्थितियां सामान्‍य होने के आसार कम ही नजर आते हैं। जब पीएम ने नोटबंदी का ऐलान किया तो मीडिया में फैसले की वाहवाही देखने को मिली। दो दिन बैंक बंद रहने के बाद जब ख्‍ुाले तो लंबी कतारों ने मीडिया का ध्‍यान खींचा। कई जाने-माने अर्थशास्त्रियों ने भी फैसले पर चिंता जताई है।

इसे भी पढ़िए :  नोटबंदी पर सुप्रीम कोर्ट में आज फिर सुनवाई, फैसले पर टिकी देशभर की निगाहें

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस फैसले के चलते जीडीपी को तगड़ा नुकसान होने की आशंका संसद में जताई थी। टीवी चैनलों पर बहस के दौरान भी अ‍र्थजगत के कई विशेषज्ञों ने इस फैसले के लागू होने के तरीके और अधूरी तैयारियों पर सवाल खड़े किए। पीएमओ इन्‍हीं सब वजहों से नाराज बताया जा रहा है।

इसे भी पढ़िए :  सिखों की इस दिलेरी को सलाम

नोटबंदी के बाद अपने हर भाषण में प्रधानमंत्री कहते रहे हैं कि इस फैसले को देशवासियों ने भरपूर समर्थन दिया है। बकौल मोदी, लोग कष्‍ट सहकर भी काले धन के खिलाफ इस ‘यज्ञ’ में खुशी से हिस्‍सा ले रहे हैं। मगर टीवी पर चल रही खबरें इस भावना के उलट रही हैं। इसी वजह से पीएमओ के की निगाहें टीवी चैनलों की तरफ टेढ़ी हुई हैं और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और पीआईबी अधिकारियों को तलब किया गया है।

इसे भी पढ़िए :  नोटबंदी में राहत: RBI ने लोन चुकाने के लिए दिया 90 दिन का अतिरिक्त समय

(जनसत्ता के सौजन्य के खबर)

2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse