खतने के डर से लड़कियां नहीं जाना चाहती है घर, मां-बाप दहेज के लिए करा देते हैं खतना

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कीनिया के कई हिस्सों में लड़कियों का खतना अब भी हो रहा है। दिसंबर की छुट्टियां यहां की लड़कियों के लिए किसी शामत से कम नहीं होती हैं।

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स्कूलों के प्रबंधकों को यह स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि इन लड़कियों को स्कूलों में रखने की उचित व्यवस्था की है.

इन्हें साल खत्म होने तक स्कूलों में रहने देने का निर्देश दिया गया है। ऐसा कम उम्र में शादी और खतने को रोकने के लिए किया गया है।

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कीनिया सरकार के आंकड़ों के मुताबिक़, यहां 15 से 49 साल के बीच की पांच में से हर एक महिला का खतना हुआ है। कुछ ऐसी ही निराशाजनक स्थिति यहां की बच्चियों के साथ भी है।

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