भारतीय सेना को मिला है एक ऐसा हथियार जिसके सामने टिक नहीं पाएंगे आतंकी

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नई दिल्ली : कश्मीर में दीवारों के पीछे या घरों में छिपे आतंकियों को दबोचने के लिए सेना ने एक नई तकनीक का इस्तेमाल शुरू किया है। आतंक-विरोधी अभियान के दौरान छिपे हुए आतंकियों का पता लगाने के लिए सेना ‘थ्रू द वॉल रेडार’ का इस्तेमाल कर रही है। सेना के एक टॉप सोर्स ने बताया कि ऐसे कुछ रेडार अमेरिका और इजरायल से मंगा भी लिए गए हैं।

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यह रेडार कॉम्बिंग ऑपरेशन के दौरान आतंकियों की एकदम सटीक लोकेशन बताने में मददगार साबित हो रहे हैं। आतंकियों को छिपने के लिए घरों में बनाई गई खास दीवारों या भूमिगत ठिकानों के लिए खासतौर से इस रेडार का इस्तेमाल हो रहा है। सोर्स ने बताया कि सेना ने कुछ जगहों पर इस आयातित रेडार का इस्तेमाल शुरू भी कर दिया है।

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इस तरह के हाइटेक रेडार की जरूरत काफी दिनों से महसूस की जा रही थी। ऐसा अक्सर देखा जा रहा था कि सटीक मुखबिरी के बाद कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाने के बावजूद पुलिस या सेना आतंकियों को पकड़ नहीं पा रही थी। घने इलाकों में आतंकियों के छिपे होने की जानकारी तो मिलती थी लेकिन सुरक्षाबलों को हिंसक भीड़ और पत्थरबाजों का सामना करना पड़ जाता था।

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अगले पेज पर जानिए- कैसे काम करता है ये रडार

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