मोदी सरकार की मांग- राष्ट्रगान पर जारी कीजिए और कड़ा ऑर्डर, सुप्रीम कोर्ट ने दिया ये फैसला

0
राष्ट्रगान
फाइल फोटो
Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse

राष्ट्रगान का मामला इस वक़्त बहुत गरमाया हुआ है। कुछ टाइम पहले सुप्रीम कोर्ट ने सिनेमा हॉल में राष्ट्रगान बजने पर खड़ा होना अनिवार्य कर दिया था। अब इस मामले में केंद्र सरकार चाहती है कि सुप्रीम कोर्ट राष्ट्रगान के दौरान खड़े होने को लेकर और कड़ा ऑर्डर पास करे।

 

 

वहीं सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान ये साफ कर दिया की ना तो इस मामले में कोई मॉरल पुलिसींग की जाए और ना ही खड़े होने के लिए और ज्यादा दबाव बनाया जाएगा।

इसे भी पढ़िए :  नदियों की उफान को रोकने के लिए, मोदी जल्द ला सकते है नदियों-से-नदियों को जोड़ने की योजना

 

 

दरअसल, केंद्र सरकार की तरफ से आए अटोर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने सुप्रीम कोर्ट से गुजारिश की थी कि वह तीस साल पुराने एक जजमेंट को भी देखें जिसमें Jehowah’s Witnesses (ईसाई धर्म) के एक परिवार को राष्ट्रगान ना गाने की छूट मिली हुई है। क्योंकि ये परिवार गॉड के अलावा किसी की प्रार्थना करने को तैयार नहीं था। मुकुल रोहतगी ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि इस चीज को लेकर भी बहस होनी चाहिए कि स्कूल से ही बच्चे को राष्ट्रगान का आदर करना क्यों ना सिखाया जाए। मुकुल ने आगे कहा कि वक्त आ गया है कि 1986 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले पर फिर से नजर डाली जाए और उसपर विचार किया जाए।

इसे भी पढ़िए :  BREAKING NEWS: बलात्कार के आरोपी गायत्री प्रजापति गिरफ्तार, देर रात लखनऊ से हुई गिरफ्तारी

 

 

जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली बेंच ने मंगलवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि राष्ट्रगान को लेकर कोर्ट कोई सख्त ऑर्डर जारी नहीं करेगी और ना ही आम लोग किसी तरह की मोरल पुलिसिंग नहीं कर सकते।

इसे भी पढ़िए :  बढ़ते प्रदूषण को लेकर NGT हुई सख्त, 10 साल पुराने डीजल वाहनों को बंद करने का दिया आदेश

 

अगली स्लाइड में पढ़ें बाकी की खबर

Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse