अब PAN और आधार कार्ड जैसे पहचान पत्र बनवा सकेंगे गैर-मुस्लिम शरणार्थी

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फाइल फोटो।

नई दिल्ली। भारत में काफी सालों से रह रहे पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के अल्पसंख्यक शरणार्थियों के लिए मोदी सरकार की ओर से खुशखबरी आई है। केंद्र सरकार ऐसे अल्पसंख्यकों को भारत में बैंक खाता खोलने, कारोबार के लिए संपत्ति खरीदने और ड्राइविंग लाइसेंस, पैन और आधार कार्ड जैसे पहचान पत्र बनाने का अधिकार देने जा रही है।

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भारत में लंबे समय का वीजा लेकर रह रहे ऐसे शरणार्थियों के लिए बैंकिंग सेवाएं मुहैया कराने से उन्हें काफी सुविधाएं मिलेंगी। कानूनी रूप से भारतीय नागरिकता मिलने तक ये अधिकार उन्हें काफी सहूलियत देंगे। लोकसभा द्वारा नागरिकता अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दिए जाने से इन शरणार्थियों के लिए कई रास्ते खुल जाएंगे।

इस संबंध अब भाजपा नेता भर्तहरि माहताब के नेतृत्व में गठित एक संसदीय समिति इसी शीतकालीन सत्र में संसद के सामने अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। सरकार ने कहा है कि भारत में रह रहे हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदा के शरणार्थी हलफनामा बनाकर दे सकेंगे। पहले जहां इन शरणार्थियों को दो साल के लिए वीजा मिलता था, वहीं अब पांच साल के लिए मिलेगा। साथ ही, वे शिक्षा और नौकरी जैसी सुविधाओं का भी इस्तेमाल कर सकेंगे।

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पीएम बनने से पहले ही मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा ने कहा था कि अपने देश में उत्पीड़न का शिकार होने के कारण भारत में आकर शरण लेने वाले गैर-मुस्लिम लोगों के लिए विशेष व्यवस्था की जानी चाहिए।

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