अब पाकिस्तान की मीडिया ने भी दी चेतावनी कहा ‘जाधव की सज़ा के गंभीरे होंगे नतीजे’

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इस्लामाबाद : एक तरफ विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मंगलवार को संसद में कुलभूषण जाधव के मुद्दे पर पाकिस्तान को ‘अंजाम भुगतने’ की चेतावनी दी, तो दूसरी तरफ पाकिस्तान का मीडिया भी खुद इस बात को मान रहा है कि अगर जाधव को फांसी दी जाती है तो इसके गंभीर दुष्परिणाम होंगे। पाकिस्तानी मीडिया ने कहा है कि इस मामले के चलते भारत के साथ संबंधों में तनाव बढ़ेगा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसे लेकर काफी प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है। कुछ पाकिस्तानी पत्रकारों ने जाधव के खिलाफ जुटाए गए सबूतों का सार्वजनिक किए जाने की भी मांग की है।
अखबार ‘द नेशन’ ने अपने पहले पन्ने पर दी गई खबर में लिखा, ‘सोमवार को एक सैन्य अदालत ने दोनों परमाणु संपन्न देशों के बीच लंबे समय से जारी तनाव को और बढ़ाते हुए हाई प्रोफाइल भारतीय जासूस को मौत की सजा सुनाई।’ अखबार ने राजनीतिक और रक्षा विशेषज्ञ डॉ. हसन अस्करी के हवाले से लिखा है कि जाधव को फांसी देने का फैसला ‘दोनों देशों के बीच तनाव में और इजाफा करेगा।’ अस्करी ने कहा, ‘सेना ने सख्त सजा दी है जो पाकिस्तानी कानून के मुताबिक है, लेकिन हमें यह देखना होगा कि पाकिस्तान इसके राजनीतिक और कूटनीतिक दुष्प्रभावों को झेल सकता है या नहीं।’ बता दें कि ‘द नेशन’ को भारत के मुखर आलोचक के तौर पर जाना जाता है।

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अन्य अखबारों ने भी इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया है। ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ ने इस फैसले को ‘अभूतपूर्व’ बताते हुए कहा है कि रिपोर्ट में इस फैसले से पड़ोसी देशों के बीच कटु राजनीतिक विवाद पनपने की आशंका बढ़ गई है। उधर पाकिस्तान के प्रमुख अखबार ‘डॉन’ ने कहा कि यह फैसला ऐसे वक्त में सामने आया है जब पाकिस्तान और भारत के बीच पहले से तनाव जारी है। अखबार ने लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) तलत मसूद के हवाले से लिखा, ‘लंबे समय से पाकिस्तान यह साबित करने के लिये संघर्ष कर रहा है कि पाकिस्तान की अस्थिरता में भारत का हाथ है। मामले में मदद मांगने के लिये हमारे राजदूत कई देश गये लेकिन कुछ भी हाथ नहीं आया। अब हमने अपना कदम उठाया है, पर हमें भारत के जवाबी हमले के लिये तैयार रहना चाहिए।’

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