मोदी सरकार के खिलाफ मुसलमान, बोले-शरीयत कानून में छेड़छाड़ बर्दाश्त नही

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फॉर्म के मुख्य तीन बिंदु कुछ इस प्रकार है

1.हम इस्लामी शरीयत के तमाम आदेशों, विशेषकर निकाह, तलाक, खुला, फस्ख, विरासत के दीनी आदेश से पूरी तरह सहमत हैं और उनमें किसी बदलाव की जरूरत या गुंजाइश से इन्कार करते हैं।

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2.भारत में हर धर्म के मानने वाले को अपने धर्म पर अमल करने की पूरी आजादी भारतीय संविधान ने दी है, इसलिए हमें किसी भी सूरत में समान नागरिक संहिता कुबूल नहीं है।

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3.हम शरीयत के कानून की सुरक्षा में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के साथ हैं।

ज्यादा से ज्यादा लोग फॉर्म पर अपना नाम, पता भरने के साथ हस्ताक्षर कर 30 अक्तूबर तक इसे इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के कार्यालय में जमा कराएं। ये फॉर्म सरकार को भेजकर बताया जाएगा कि हमें शरीयत में दखलअंदाजी कुबूल नहीं है।

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