नोबेल पुरस्कार विजेता और प्रख्यात अर्थशास्त्री ने नोटबंदी को बताया निरंकुश फैसला

0
अर्थशास्त्री
Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse

प्रख्यात अर्थशास्त्री और नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन ने मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले की आलोचना की है। अमर्त्य सेन ने इस फैसले को निरंकुश और विश्वास पर आधारित अर्थव्यवस्था की जड़ खोदने वाला बताया है।

इसे भी पढ़िए :  'नोटबंदी के फैसले से अर्थव्यवस्था को होगा 1.28 लाख करोड़ रुपये का नुकसान'

अमर्त्य सेन ने एनडीटीवी से बातचीत करते हुए कहा, ‘यह (नोटबंदी) नोटों अनदेखी है, बैंक अकाउंट्स की अनदेखी है, विश्वास पर आधारित पूरी अर्थव्यवस्था की अनदेखी है। इस संदर्भ में यह एक निरंकुश फैसला है।’ इसके साथ ही उन्होंने कहा कि नोटबंदी को लेकर उनकी यह तात्कालिक राय आर्थिक पहलू के लिहाज से है।

इसे भी पढ़िए :  कार्ड पेमेंट से जुड़ी हर दिक्कत का निपटारा करेगा यह हेल्पलाइन नंबर, सेव कर लें

अमर्त्य सेन ने कहा कि यह विश्वास की अर्थव्यवस्था के लिए खतरनाक है। उन्होंने कहा, ‘पिछले 20 सालों में देश ने काफी तेजी से तरक्की की है। यह सबकुछ एक-दूसरे पर भरोसे का नतीजा है।’ इस तानाशाहीपूर्ण कार्रवाई के जरिए और यह कहते हुए कि हमने वादा तो किया था लेकिन उसे पूरा नहीं करेंगे, आपने इसकी जड़ों पर चोट की है।’

इसे भी पढ़िए :  500 और 2000 रुपए के नोट में दिखता है मोदी का स्पीच, जानिए कैसे
Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse