जब बिना वीजा के ही भारत पहुंच गए उबर के सीईओ, पढ़िए क्या हुआ?

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दरअसल, उन्होंने बताया कि उनके वीजा पर जो तारीख लिखी थी, वह भारतीय वीजा पर लिखी तारीख के विपरीत होती है। अगर वे अमेरिका में होते तो 12 नवंबर को 11/12 लिखा जाएगा, जबकि भारत में यह तारीख 12/11 लिखी जाएगी।

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कलानिक कहा कि यह एक गलतफहमी थी और मैं बिना वीजा के बीजिंग से दिल्ली आ गया और वह मेरे लिए ‘बड़े संकट’ की स्थिति बन गई थी। कलानिक ने कहा कि कांत ने उनकी मदद की। उन्होंने उनका (कांत का) शुक्रिया अदा किया।

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