कप्तानी छोड़ने के बाद धोनी ने कप्तान कोहली के बारे में दिया बड़ा बयान, कहा…

0
धोनी
Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse

टीम इंडिया की सीमित ओवर की कप्तानी छोड़ने के बाद क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी ने शुक्रवार को पहली बार मीडिया से मुखातिब हुए। मीडिया से बात करते हुए उन्होने कहा की वह टीम के नए कप्तान विराट कोहली को समय-समय पर जरूरी सलाह देते रहेंगे। इस मौके पर इस पूर्व कप्तान ने विराट कोहली की जमकर तारीफ भी की और कहा कि यह विराट के कप्तान बनने का सही समय था। जब पत्रकारों ने धोनी से पूछा कि वह अपनी कप्तानी को कैसे आंकते हैं, तो धोनी ने कहा कि उनकी कप्तानी एक सफर की तरह रही।

इसे भी पढ़िए :  'माही' का बर्थ डे आज, 35 साल के हुए 'मिस्टर कूल'

 

धोनी ने कहा, “कप्तानी करते हुए मेरी जिंदगी में खुशी के मौके भी आए और मुश्किल वक्त भी आया। कुल मिलाकर यह एक सफर जैसा था।’ प्रेस कॉन्फ्रेंस में धोनी पत्रकारों से क्रिकेट के जुड़े हर मुद्दे पर बात की। हमेशा बेबाक तरीके से बोलने वाले धोनी ने पुराने अंदाज में ही पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए। किसी चीज के पछतावे के सवाल पर धोनी ने कहा कि वह जिंदगी में किसी चीज का पछतावा नहीं करते। धोनी के मुताबिक, जब आप कुछ चीजों से नहीं डरते, तो यह रवैया आपको मजबूत बनाता है। धोनी ने कहा कि टीम इंडिया का भविष्य शानदार है। उन्होंने कहा, “आज हमारे पास ऐसे शानदार बोलर्स का पूल है, जो कहीं भी किसी भी परिस्थिति में गेंदबाजी कर सकते हैं। इसी तरह हमारे पास बेहतरीन बैट्समैन हैं। इससे टीम को किसी खिलाड़ी के चोटिल होने पर कोई समस्या नहीं होती।”

इसे भी पढ़िए :  कटक वनडे: युवराज 150 पर आउट, धोनी ने भी जड़ा शतक, भारत का स्कोर: 329/5

 

अपने बैटिंग ऑर्डर के सवाल पर माही ने कहा, “मैं टीम की जरूरत के हिसाब से अपना बैटिंग ऑर्डर चेंज करूंगा।” जब उनसे वनडे कप्तानी में चुनौतियों के बारे में पूछा गया, तो भारत के इस सबसे सफल कप्तान ने कहा, “टेस्ट की अपेक्षा वनडे में कप्तानी करना आसान रहता है। भले ही यहां आपको जल्दी-जल्दी निर्णय लेने होते हैं, फिर भी यह टेस्ट की कप्तानी की अपेक्षा आसान है। कोहली पहले से टेस्ट मैचों में कप्तानी कर रहे हैं, तो इस नई जिम्मेदारी से उन पर कोई खास दबाव नहीं होगा।” धोनी ने क्रिकेट को शारीरिक खेल के साथ-साथ दिमागी खेल भी बताया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी हर वक्त एक ही माइंडसेट में नहीं होता। इसलिए उसके सामने चैलेंज आते रहते हैं।

इसे भी पढ़िए :  शिवनारायण चंद्रपॉल ने बेटे के साथ मिलकर बनाया रेकॉर्ड

 

Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse