बिहार का पुलिसकर्मी बना टीचर, कूड़ा बिनने वाले बच्चो को देता है क्लास

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पुलिसवाला

तिवारी ने बताया कि जब भी उन्हें अपने काम से फुर्सत मिलती है तो अशिक्षित बच्चों और व्यस्कों को बुनियादी तालीम देने के लिए ऐसी शाम में चलाए जाने वाले स्कूल में भाग लेते हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य उन्हें मुख्यधारा से जोडना है।

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पूर्णिया जिला मुख्यालय से करीब 10 किलोमीटर दूरी पर स्थित हरदा गांव में लगायी गयी ऐसी ही एक शाम की पाठशाला में कल निशांत तिवारी और पुलिस उपमहानिरीक्षक उपेंद्र सिन्हा ने भाग लिया। तिवारी ने बताया कि प्रदेश में शराबबंदी का असर दिख रहा है। कई व्यस्क जो कि शराब छोडने के बाद ऐसे स्कूलों में एक छात्र के तौर पर अपना समय दे रहे हैं। वहीं कई शिक्षक के तौर पर भी अपना योगदान दे रहे हैं।

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