तीन तलाक के मुद्दे पर बड़े आंदोलन के मूड में दरगाह आला हजरत

0
2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse

मुफ्ती अख्तर रजा खां अजहरी मियां का कहना है कि हदीस से तीन तलाक सही साबित है। लोकसभा में बिल लाकर या सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल करके तीन को एक तलाक मानना मुस्लिम पर्सनल लॉ में हस्तक्षेप और संविधान में अकलियतों को दिए गए अधिकारों का हनन है।

इसे भी पढ़िए :  तेजस्वी किसी की कृपा से नहीं बने उपमुख्यमंत्री : लालू प्रसाद यादव

दारुल उलूम देवबंद और देवबंदी उलेमा भी सरकार और लॉ कमीशन के सवालनामे के विरोध में खड़े हैं। दारुल उलूम का कहना है कि सरकार संविधान में दी गई अल्पसंख्यकों की धार्मिक आजादी को छीनने की कोशिश कर रही है। समान नागरिक संहिता किसी कीमत पर मंजूर नहीं है। प्रसिद्ध इस्लामी इदारे दारुल उलूम के मोहतमिम मुफ्ती अबुल कासिम नौमानी ने दो टूक कहा है कि केंद्र सरकार यूनिफार्म सिविल कोड के बहाने मुस्लिमों समेत सभी अल्पसंख्यकों की धार्मिक क्रियाओं के साथ छेडछाड़ की कोशिश कर रही है। मुस्लिम पर्सनल लॉ में दखलअंदाजी को किसी सूरत बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इसे भी पढ़िए :  शहाबुद्दीन की जेल में सेल्फी पर भड़की बीजेपी, जेल की सुरक्षा पर उठाए सवाल
2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse