आतंकी के परिवार को मुआवजा देगी बीजेपी-पीडीपी सरकार

0
2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse

ये राहत राशि केवल उन मामलों में दी जाती है, जहां मारा गया व्यक्ति आतंकवादी नहीं हो। बुरहान वानी के परिजनों को मुआवजा देने पर सवाल भी उठाए जा रहे हैं। जानकारों का कहना है कि यह सीधे तौर पर मुआवजे के नियमों का उल्लंघन है। 25 साल का खालिद इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में एमए कर रहा था। स्थानीय लोगों ने बताया कि सेना क्षेत्र में हिंसक प्रदर्शनों का नेतृत्व करने वाले युवाओं को पकड़ने के लिए घर-घर में तलाशी ले रही थी, जिसका निवासियों ने विरोध किया था।

इसे भी पढ़िए :  ईडब्लूएस नर्सरी दाखिले में BJP ने दिल्ली सरकार पर लगाया आरोप, 2000 से ज्यादा बच्चों को नहीं मिला एडमिशन

इस सूची में शब्बीर अहमद मांगू का नाम भी शामिल है जो एक अनुबंधित लेक्चरर था। झड़प में 30 वर्षीय मांगू की मौत हो गई थी। सेना ने घटना की जांच का आदेश देते हुए कहा था कि ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सेना की उत्तरी कमान के तत्कालीन लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हूडा ने कहा था, ऐसी छापेमारी को बिलकुल भी स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह अनुचित है। इसका कोई भी समर्थन नहीं कर सकता और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इसे भी पढ़िए :  जौनपुर रैली में पीएम मोदी ने सपा-कांग्रेस पर साधा निशाना, कहा- गठबंधन 'गायत्री प्रजापति मंत्र' का जाप करता है
2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse