चुनाव के दौर में मायावती को एक और नोटिस, हाईकोर्ट ने भूमि घोटाले में मांगा जवाब

0
2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse

जनहित याचिका में उन दोषी अधिकारियों को भी पक्षकार बनाया गया है जिन्होंने नियमों को दरकिनार कर गलत तरीके से मायावती और उनके परिवार के लोगों के पक्ष में खेती की जमीन को आबादी की जमीन के रूप में दिखाते हुए आदेश पारित किया। याचिका पर सुनवाई चीफ जस्टिस डी. बी. भोसले और जस्टिस यशवंत वर्मा की खंडपीठ कर रही है।

इसे भी पढ़िए :  मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार गोरखपुर पहुंचे योगी आदित्यनाथ, स्वागत में गेरुआ हुआ शहर

गौतमबुद्ध नगर के संदीप भाटी की इस याचिका में कोर्ट से CBI से जांच कराने की मांग की गयी है जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सभी पक्षकारों को अपना पक्ष रखने को कहा है। याचिका में गौतमबुद्धनगर के तत्कालीन SDM के 30 मई 2006 को पारित आदेश को चुनौती दी गयी है। कहा गया है कि SDM ने अधिकारियों के दबाव में गलत तरीके से मायावती व उनके परिवार के लोगों के पक्ष में 47,433 वर्ग मीटर कृषि भूमि को आबादी भूमि घोषित किया था।

इसे भी पढ़िए :  ममता को तगड़ा झटका: TMC छोड़ BJP में शामिल हुए 400 कार्यकर्ता, प्रदेश अध्यक्ष ने भी छोड़ा साथ

अधिकारियों की मिलीभगत से पारित इस आदेश की CBI से जांच की मांग की गयी है। कोर्ट ने नोटिस जारी कर इस मामले से सम्बन्धित एक अन्य लम्बित याचिका के साथ सुनवाई करने का आदेश दिया है।

इसे भी पढ़िए :  मायावती का पीएम पर निशाना कहा- बातें नहीं कार्रवाई करें पीएम

वीडियो में देखिए – देश और दुनिया की सभी बड़ी खबरें

2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse