तीन तलाक का विरोध संविधान के खिलाफ- मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड

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बोर्ड ने सवाल किया कि अमेरिका में हर कोई पर्सनल लॉ का अनुसरण करता है फिर हमारा देश ऐसा क्यों नहीं करना चाहता? दरअसल, लॉ कमिशन ने 16 सवालों की एक लिस्ट तैयार की है जिस पर लोगों के जवाब इकट्ठे किए जाएंगे। इन सवालों में बहुविवाह के प्रचलन को खत्म करने से संबंधित बात को भी शामिल किया गया है। मुसलमानों में पुरुष को चार शादियां करने की छूट है। इस संबंध में कमिशन का सवाल है कि क्या इस छूट को पूरी तरह से खत्म कर दिया जाए या फिर इस पर किसी तरह की लगाम लगाई जाए। साथ ही, एक और महत्वपूर्ण प्रचलन है मैत्री करार का, इसे भी सूची में शामिल किया गया है। मैत्री करार कानूनी रूप से अवैध है, फिर भी गुजरात में यह काफी प्रचलन में है। इसके तहत एक शादीशुदा हिंदू पुरुष स्टैंप पेपर पर दोस्ती का करार करके अन्य महिला को साथ रहने के लिए घर ले आता है।

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इन सवालों की लिस्ट में हिंदू महिलाओं के संपत्ति के अधिकार को भी जगह दी गई है। आयोग ने जनता से सुझाव मांगे हैं कि किस तरह हिंदू महिलाओं के इस अधिकार को सुनिश्चित किया जा सके। फिलहाल स्थापित प्रचलन के मुताबिक बेटे ही इसके हकदार मान लिए जाते हैं।

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