अरुणाचल प्रदेश में एक बार फिर सियासी संकट, CM पेमा खांडू समेत 6 विधायकों को पार्टी से किया निलंबित

0
2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse

पेमा

महीनों तक चले सियासी उठापटक के बाद पेमा खांडू इस साल 16 जुलाई को राज्य के मुख्यमंत्री बने थे। उन्होंने नबाम तुकी की जगह ली थी। अरुणाचल पिछले एक साल से ही राजनीतिक अस्थिरता का शिकार रहा है। हमेशा कुछ ऐसा हो जाता है, कि किसी न किसी को अपनी गद्दी छोड़नी पड़ती है। इस साल जनवरी में तुकी की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार के बिखरने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने यहां राष्ट्रपति शासन लगा दिया था। उस वक्त 19 विधायक बागी हो गए थे और कालिखो पुल ने बीजेपी की मदद से बहुमत साबित करने का दावा किया था क्योंकि वह खुद मुख्यमंत्री बनना चाहते थे। इसके बाद कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।

इसे भी पढ़िए :  बिहार का पुलिसकर्मी बना टीचर, कूड़ा बिनने वाले बच्चो को देता है क्लास

सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस के हक में फैसला दिया और विधायकों ने पेमा खांडू को नये मुख्यमंत्री के तौर पर चुन लिया। इसके बाद 9 अगस्त को कालिखो पुल ने खुदकुशी कर ली थी। कांग्रेस को दूसरा झटका सितंबर में लगा जब मुख्यमंत्री पेमा खांडू और स्पीकर तेनजिंग समेत 41 विधायक एक क्षेत्रीय पार्टी पीपीए में शामिल हो गए थे।

इसे भी पढ़िए :  पाक पर जमकर बरसे मोदी, कहा- आतंकवाद के लिए केवल एक देश जिम्मेदार

 

2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse