तसलीमा नसरीन बोलीं, भारत में तत्काल ‘समान नागरिक संहिता’ लागू करने की जरूरत

0
2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse

पूरी खबर पढ़ने के लिए आगे क्लिक करें

प्रसिद्ध लेखिका ने कहा कि इस्लाम की निंदा करना ही इस्लामिक देशों में धर्मनिरपेक्षता लाने का एक मात्र तरीका है। उन्होंने कहा कि जब मैं या कोई और व्यक्ति हिन्दू, बौद्ध या अन्य किसी धर्म की आलोचना करते हैं तो कुछ नहीं होता है। लेकिन जब आप इस्लाम की निंदा करते हैं तो लोग आपकी जान के पीछे पड़ जाते हैं।

इसे भी पढ़िए :  नहीं रहे हास्य लेखक और प्ले राइटर 'तारक मेहता'

प्रसिद्ध लेखिका ने कहा कि वे आपके खिलाफ फतवा जारी करते हैं और आपकी हत्या करना चाहते हैं। लेकिन क्यों उन्हें ऐसा करने की जरूरत है? अगर वे मुझसे असहमत हैं तो वे मेरे खिलाफ लिख सकते हैं, विचार साझा कर सकते हैं, जैसा कि हम करते हैं। फतवा जारी करने की जगह वे बातचीत कर सकते हैं।

इसे भी पढ़िए :  भारत दौरे से पहले ब्रिटेन की PM ने की प्रधानमंत्री मोदी से बात
2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse