तसलीमा नसरीन बोलीं, भारत में तत्काल ‘समान नागरिक संहिता’ लागू करने की जरूरत

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प्रसिद्ध लेखिका ने कहा कि इस्लाम की निंदा करना ही इस्लामिक देशों में धर्मनिरपेक्षता लाने का एक मात्र तरीका है। उन्होंने कहा कि जब मैं या कोई और व्यक्ति हिन्दू, बौद्ध या अन्य किसी धर्म की आलोचना करते हैं तो कुछ नहीं होता है। लेकिन जब आप इस्लाम की निंदा करते हैं तो लोग आपकी जान के पीछे पड़ जाते हैं।

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प्रसिद्ध लेखिका ने कहा कि वे आपके खिलाफ फतवा जारी करते हैं और आपकी हत्या करना चाहते हैं। लेकिन क्यों उन्हें ऐसा करने की जरूरत है? अगर वे मुझसे असहमत हैं तो वे मेरे खिलाफ लिख सकते हैं, विचार साझा कर सकते हैं, जैसा कि हम करते हैं। फतवा जारी करने की जगह वे बातचीत कर सकते हैं।

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