जल्द खत्म हो जाएगा कैंसर, ये टेस्ट मिटा देगा इस जानलेवा बीमारी का नामो-निशान!

0
2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse

इस स्‍टडी की अगुवाई करने वाले प्रोफेसर गेरथ जेनकिन्‍स ने कहा कि इस टेस्‍ट का नाम ‘स्‍मोक डिटेक्‍टर टेस्‍ट’ इसलिए रखा गया है क्‍योंकि जिस तरह घर में लगे स्‍मोक डिटेक्‍टर आग को नहीं बल्कि उसके बाई-प्रॉडक्‍ट धुएं को डिटेक्‍ट करते हैं, ठीक उसी तरह इस टेस्‍ट के जरिए परिवर्तित रक्‍त कोशिकाओं की मदद से कैंसर का पता लगाया जाता है।

इसे भी पढ़िए :  धोखाधड़ी का नया तरीका, सिमकार्ड हैक करके लगा दिया 10 लाख का चूना

प्रोफेसर गेरथ ने कहा, ‘पुरानी कहावत है कि धुआं वहीं उठता है जहां आग है। यह टेस्‍ट भी ऐसा ही है। मतलब यह कि रक्‍त कोशिकाओं में परिवर्तन के बिना कैंसर नहीं होता है।’

इसे भी पढ़िए :  राजस्थान में 3 साल में बढ़ी 70 फीसदी कैंसर मरीज़ों की तादात

आइए आपको बताते हैं कि कैसे होता है ये टेस्ट। इस टेस्ट द्वारा रेड ब्लड सेल्स की सतह पर मौजूद प्रोटीन में होने वाली तबदीली का पता लगता है। किसी कैंसर पीड़ित इंसान में इस तरह का परिवर्तन प्रति मिलियन पर औसतन 50 से 100 के बीच होता है। जबकि सामान्य इंसान में यह बदलाव औसतन प्रति मिलियन (दस लाख) पर पांच का होता है।

इसे भी पढ़िए :  जानिए Facebook के वो नए फीचर्स जिन्हे आपके दोस्त शायद नहीं जानते होंगे
2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse