विदाई भाषण में मुसलमानों पर बोले ओबामा, ‘वे लोग उतने ही राष्ट्रभक्त हैं जितने कि हम हैं’

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ओबामा
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बराक ओबामा ने राष्ट्रपति के तौर पर शिकागो में अपना आखिरी भाषण दिया। इस दौरान उन्होने देश में लोकतंत्र को नस्लवाद, असमानता और नुकसानदेह राजनीतिक माहौल से खतरा बताते हुए अमेरिकियों से इसकी रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। अपने विदाई भाषण के दौरान बराक भावुक भी हो गए।

ओबामा ने अपने आठ साल के कार्यकाल की तारीफ करते हुए कहा कि हमने सारे वादे पूरे किये। उन्होंने कहा, “आने वाले 10 दिनों में अमेरिका सत्ता परिवर्तन का गवाह बनेगा, मुझे खुशी है कि सबकुछ शांतिपूर्ण ढंग से हो रहा है।”

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ओबामा ने इस पर भी अफसोस जताया कि वर्ष 2008 में देश के पहले अश्वेत राष्ट्रपति के रूप में उनके ऐतिहासिक चुनाव के बाद भी “नस्लवाद हमारे समाज में ताकतवर और अक्सर विभाजनकारी ताकत के रूप में बरकरार है।”

 

20 जनवरी 2017 को ओबामा का व्हाइट हाउस में आखिरी दिन होगा। वह लगातार दो बार अमेरिका के राष्ट्रपति रहे हैं।

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हाल ही में हुए राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने जीत दर्ज की है। ओबामा के बाद ट्रंप राष्ट्रपति की जिम्मेदारी संभालेंगे। डेमोक्रैट्स की ओर से हिलेरी क्लिंटन राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार थीं।

 

ओबामा ने फेयरवेल स्पीच में कहा कि हम व्यवस्था को भ्रष्ट मान लेते हैं और चुने हुए नेताओं को दोष देते हैं लेकिन हम अपनी भूमिका को भूल जाते हैं।

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मिशेल न सिर्फ मेरी पत्नी और मेरे बच्चों की मां हैं बल्कि मेरी अच्छी दोस्त भी हैं, हमने ओसामा बिन लादेन समेत, हजारों आतंकियों का खात्मा किया है। मुस्लिम अमेरिकियों से भेदभाव के खिलाफ हैं। आइएस को हम पूरी तरह से बर्बाद कर देंगे, अमेरिका हमेशा सुरक्षित रहेगा।

 

ओबामा ने कहा कि हम व्यवस्था को भ्रष्ट मान लेते हैं और चुने हुए नेताओं को दोष देते हैं लेकिन हम अपनी भूमिका को भूल जाते हैं।

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