संयुक्त राष्ट्र के बाहर बलूचों ने पाकिस्तान विराधी नारे लगाए, कहा- बलूचिस्तान पाकिस्तान का नहीं है

0
बलूचिस्तान विरोध प्रदर्शन
Prev1 of 3
Use your ← → (arrow) keys to browse

 

दिल्ली:

बलूच कार्यकर्ताओं के एक समूह ने यहां संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर पाकिस्तान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और बलूचिस्तान में पाकिस्तान द्वारा मानवता के खिलाफ किए जा रहे अपराधों को रेखांकित करते हुए आजादी की मांग की।

विरोध प्रदर्शन फ्री बलूचिस्तान मूवमेंट ने आयोजित किया था। संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर की सड़क पर इस प्रदर्शन का आयोजन महासभा के 71वें सत्र की शुरूआत के समय किया गया।

इसे भी पढ़िए :  ...तो इसलिए मनमोहन सिंह से नाराज़ थीं सोनिया गांधी, फाइलों में हुआ खुलासा

अमेरिकी और बलूच झंडों को लहराते हुए प्रदर्शनकारियों के एक छोटे समूह ने अपने हाथ में ‘बलूचिस्तान में मानवाधिकारों का उल्लंघन बंद करो’, ‘बलूचिस्तान में बमबारी बंद करो’ और ‘बलूचिस्तान पाकिस्तान का नहीं है’ के नारों वाले बैनर उठाए हुए थे। वे पांच गुड़ियों के चारों और खड़े थे जिन्हें खून जैसे लाल रंग में रंगा हुआ था ताकि बलूचिस्तान में हो रहे रक्तपात को दर्शाया जा सके। उन्होंने इन गुड़ियों को जमीन पर बिछे एक सफेद बैनर पर रखा हुआ था, जिसपर लिखा था, ‘‘बलूच बच्चों को बचाओ’’।

इसे भी पढ़िए :  रंग लाएगी भारत और नेपाल की दोस्ती, मोदी और प्रचंड मिलकर रचेंगे इतिहास

कुछ प्रदर्शनकारियों की सफेद टी-शर्ट पर काले रंग से लिखा था, ‘‘बलूचिस्तान में मानवाधिकारों का खौफनाक उल्लंघन’’। प्रदर्शन कर रहे लोग कुछ इस प्रकार के नारे लगा रहे थे, ‘भारत बलूचिस्तान की मदद करो’ ‘बलूचिस्तान की आजादी’, ‘बलूच लोगों का जनसंहार बंद करो’, ‘संरा, संरा कहां हो तुम’, ‘पाकिस्तान को धन देना बंद करो’, ‘बलूचिस्तान दूसरा बांग्लादेश है’ और ‘बलूचिस्तान को तोड़ना बंद करो’।

इसे भी पढ़िए :  शिमला समझौता एक बहुत बड़ी गलती थी: शाहबाज़ शरीफ

प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तानी बलों पर पिछले कुछ साल में लगभग 5000 लोगों को मारने और लगभग 20,000 लोगों को जबरन लापता करने का आरोप लगाया।

Prev1 of 3
Use your ← → (arrow) keys to browse