समाजवादी के कुनबे में लंबे समय से चल रही कलह पर अभी विराम नहीं लगा है। बुधवार को कुछ ऐसा हुआ जिसे देखकर हर कोई ये समझ गया कि सीएम अखिलेश अपनों से ही दूरी बना रहे हैं। अखिलेश की ये नाराजगी लोहिया की पुण्यतिथि पर लोहिया पार्क में भी देखने को मिली। यही नहीं मुलायम के बयान में भी उनका दर्द छलक आया। लेकिन सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर सीएम साहब नाराज क्यों हैं।
दरअसल डॉ. राम मनोहर लोहिया की पुण्यतिथि के मौके पर मुलायम परिवार अलग-थलग नजर आया। खासकर चाचा शिवपाल सिंह यादव और भतीजे अखिलेश यादव के बीच दूरी सबको खटक गई। पुण्यतिथि के मौके पहले यूपी के सीएम अखिलेश यादव पहुंचे, माल्यार्पण किया और कार्यक्रम से निकल गए। इस दौरान खास बात ये देखने को मिली कि वहां समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव भी मौजूद थे लेकिन ना ही अखिलेश ने उनसे मुलाकात की और ना ही उनसे बात तक की और वहां से चले गए।
हालांकि जिस वक्त सीएम अखिलेश वहां पहुंचे उस समय शिवपाल तो मौजूद थे लेकिन उस वक्त मुलायम वहां नहीं पहुंचे थें। पहले ऐसा नहीं होता था। आम तौर पर हर साल सभी लोग इस दौरान साथ होते थे।
मुलायम के भाषण में अखिलेश को नसीहत
इस मौके पर समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह ने कहा कि, ”आज कल के नेता मेहनत तो करते हैं लेकिन सिखते नहीं है, तरीक़ा नहीं पता है। केवल नारे लगाने से राजनीति नहीं होती, आज कोई ना तो किताब ख़रीदता है ना पढ़ता है, लोहिया पुस्तकालय कोई नहीं जाता। मैंने अनिवार्य कर दिया है कि जो पढ़ेगा उसको टिकट देंगे तब लोग ख़रीदने लगे लेकिन उसके बाद भी नहीं पढ़ते।”
जैसे-जैसे चुनाव के दिन करीब आ रहे हैं और चाचा-भतीजे की जंग में कमी नहीं आ रही है, इससे साफ है कि सत्ताधारी पार्टी के लिए ये झगड़ा इस चुनाव में कहीं भारी न पड़ जाए।
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