नागालैंड: पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प, दो लोगों की मौत

0
फोटो: साभार

नई दिल्ली। नागालैंड की राजधानी कोहिमा में शहरी स्थानीय निकाय (यूएलबी) चुनाव में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के खिलाफ गुरुवार(2 फरवरी) को पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प हुई। आरक्षण दिए जाने के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने कई सरकारी दफ्तरों और गाड़ियों में आग लगा दी।

विरोध में हजारों प्रदर्शनकारियों ने सचिवालय की तरफ मार्च किया। इस दौरान पुलिस फायरिंग में दो लोगों की मौत हो गई है। प्रदर्शनकारियों ने नगर पालिका परिषद और जिला कमिश्‍नर के दफ्तरों को आग लगा दी गई। साथ ही अन्‍य सरकारी दफ्तरों में भी तोड़फोड़ की गई और वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया।

इसे भी पढ़िए :  दिल्ली: एम्स का डॉक्टर बताकर मरीजों से वसूलता था मोटी रकम

दरअसल, जनजातीय समूह स्थानीय निकायों में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने संबंधी फैसले का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस तरह का फैसला उनके मामलों में दखल है। दरअसल नागालैंड में जनजातीय समूहों को संविधान के अनुच्छेद 371(ए) के तहत विशेष अधिकार मिले हुए हैं। नागालैंड में जनजातियों के अपने पारंपरिक कानून हैं।

इसे भी पढ़िए :  ‘पद्मावती' फिल्म विवाद: बदसलूकी से नाराज संजय लीला भंसाली ने रद्द की जयपुर में शूटिंग

दीमापुर में कर्फ्यू लगाने के साथ सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। नागालैंड के डीजीपी के मुताबिक अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के लिए आखिरकार पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी।

इसे भी पढ़िए :  मायावती फूलपुर से भतीजे को खड़ा करा दे तब भी बीजेपी ही जीतेगी : केशव प्रसाद मौर्य