नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था में करदाता इकाइयों पर अधिकार क्षेत्र के बंटवारे को लेकर केंद्र और एवं राज्य सरकारों के बीच मतभेद अब भी बरकरार है। इस मुद्दे पर रविवार(21 नवंबर) वित्त मंत्री अरूण जेटली द्वारा राज्यों के वित्त मंत्रियों के साथ हुई अनौपचारिक बैठक में इस उलझन से निकलने का कोई रास्ता तय नहीं हो सका।
बैठक में शामिल विभिन्न मंत्रियों ने बातचीत में कहा कि राज्य सरकारें इस मांग पर जोर दे रही हैं कि सालाना 1.5 करोड़ रुपये तक के कारोबार वाली इकाइयों के आकलन और जांच अधिकार राज्यों के हाथ में हो। बैठक के बाद जेटली ने कहा कि आज की बैठक अधूरी रही। 25 नवंबर को बातचीत जारी रहेगी।
इकाइयों के आकलन और उन पर नियंत्रण के अधिकार का मुद्दा टेढ़ी खीर बना हुआ है। पिछली दो बैठकों में भी इस पर सहमति नहीं हो सकी और अगली बैठक तक इसका रास्ता नहीं निकला तो आगामी एक अप्रैल 2017 से जीएसटी लागू करने की योजना गड़बड़ा सकती है।