आइए जानते हैं उन फर्जी खबरों के बारे में जिसने आम लोगों के साथ साथ मीडिया को भी अपने लपेटे में लिया

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4. नए नोटों में जीपीएस चिप लगी हुई है, जिससे कालेधन का पता चल जाएगा :
नोटबंदी के बाद फैली इस अफवाह ने तो आम नागरिकों के साथ-साथ मीडिया के एक समूह को भी अपनी चपेट में ले लिया। कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रधानमंत्री मोदी द्वारा नोटबंदी की घोषणा के कुछ ही देर बाद यह अफवाह फैलने लगी, जिसमें दावा किया गया कि आरबीआई द्वारा जारी किए गए 2,000 रुपये के नए नोटों में जीपीएस चिप लगी हुई है, जिससे सरकारी एजेंसी कभी भी कहीं भी रखे नोट का पता लगा सकती है।

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यहां तक दावा किया गया कि इन नए नोटों को अगर जमीन के अंदर 120 मीटर नीचे तक दबा दिया जाए तो भी इसमें लगी जीपीएस चिप से सरकार को संकेत मिलेंगे। इस अफवाह का लाभ उठाते हुए कुछ लोगों ने निजी तौर पर ऐसे मोबाइल एप विकसित कर दिए, जिसमें स्कैन करने पर नोट के अंदर प्रधानमंत्री मोदी का भाषण चलने लगता है।
5. नए नोट में रेडियोधर्मी स्याही का इस्तेमाल :
नोटबंदी को लेकर कई तरह की फर्जी खबरें फैलीं और इन्हीं में एक अफवाह के मुताबिक, नए नोटों में रेडियोधर्मी स्याही का इस्तेमाल किया गया है, जिसकी मदद से आरबीआई बड़ी संख्या में एकसाथ रखे गए नोटों का पता लगा सकती है। नोटबंदी के बाद कई जगहों से बड़ी संख्या में नए नोटों की बरामदगी के पीछे इस रेडियोधर्मी स्याही को ही वजह बताई गई।

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